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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी 2026 को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में एक नक्शा साझा कर ग्रिनलैंड, कनाडा और यहां तक कि वेनेज़ुएला को संयुक्त राज्य अमेरिका का हिस्सा दिखाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवाद और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएँ उभर आई हैं।
ट्रंप ने अपनी प्लेटफ़ॉर्म Truth Social पर एक एआई-जनरेटेड इमेज पोस्ट की जिसमें दिखाया गया कि अमेरिका का नक्शा बेहद विस्तारित है और उसके भीतर ग्रिनलैंड, कनाडा और वेनेज़ुएला शामिल हैं। वहीं एक अन्य तस्वीर में ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश सचिव मार्को रुबियो एक साथ ग्रिनलैंड में अमेरिकी झंडा लगाते दिखाए गए हैं, जहाँ एक संकेत पर लिखा है:
“Greenland US Territory Est. 2026.”
इस नक्शे को साझा करते समय ट्रंप ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है कि इन क्षेत्रों पर अमेरिका का अधिकार है, लेकिन यह पोस्ट ट्रंप की लंबे समय से चली आ रही चिंता और योजनाओं की अनौपचारिक अभिव्यक्ति के रूप में देखी जा रही है। उन्होंने पहले भी ग्रिनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने के विचार का समर्थन किया है, जिसे डेनमार्क के शासन वाले इलाके के रूप में वैधता नहीं मिली है और डेनमार्क ने लगातार इसे खारिज किया है।
इसी तरह ट्रंप ने कनाडा को 51वें अमेरिकी राज्य बनाने का सुझाव भी फिर से लिया, जो हमेशा से कनाडाई सरकार के सख़्त विरोध में रहा है और इस तरह के बयान से दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीति के तनाव की संभावना बढ़ चुकी है।
तथ्य यह है कि ऐसा नक्शा केवल पोस्ट के रूप में प्रकाशित हुआ है और इसका कोई वैध अंतरराष्ट्रीय अधिकारिक आधार नहीं है — अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार ग्रिनलैंड डेनमार्क का स्वशासित क्षेत्र है और कनाडा एक स्वतंत्र राष्ट्र है। हालांकि ट्रंप की इस पोस्ट से अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक मंचों पर चर्चा तेज़ हो गई है, खासकर यू.एस. और नाटो/यूरोपीय गठबंधन देशों के बीच रणनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर।








