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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में एक 27-साल के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के शहरी इलाकों में जवाबदेही की कमी का नतीजा है, न कि पैसे, तकनीक या समाधान की कमी।
युवराज गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे और 16 जनवरी की रात घर लौटते समय अपने वाहन के साथ निर्माण स्थल के समीप भरते पानी भरे गड्ढे में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना की वजह से स्थानीय लोगों में प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेतों और ओवरसाइट की कमी को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” पर लिखा कि “सड़कें, पुल, आग, पानी, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और उदासीनता लोगों की जान ले रहे हैं” और जो शहरी समस्याएँ भारत में उभर रही हैं, उनमें जवाबदेही का बेहद अभाव एक बड़ा कारण है। उन्होंने TINA (There Is No Accountability) का शब्द प्रयोग करते हुए कहा कि नीतियों में लापरवाही और सिस्टम की अनदेखी मौतों को आम बना रही है।
गांधी ने साथ में एक वीडियो भी साझा किया जिसमें एक गवाह और मृतक के पिता के बयान शामिल हैं। गवाह का कहना था कि अगर समय रहते मदद मिल जाती तो युवराज की जान बच सकती थी, जबकि युवराज के पिता ने प्राथमिक बचाव कार्यों में देरी और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया और मामले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम (SIT) का गठन किया है, जिसमें रिपोर्ट पांच दिनों में सौंपे जाने का निर्देश भी जारी हुआ है। प्रशासन का कहना है कि वे घटना की गंभीरता से जांच करेंगे।
यह विवाद नागरिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की शिकायतों और प्रशासनिक जवाबदेही पर व्यापक बहस का केंद्र बन गया है, जिससे राजनीतिक मुद्दों और लोक भावनाओं में उबाल देखा जा रहा है।








