इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

सांगली जिले की मिट्टी में संघर्ष, स्वाभिमान और उपलब्धि की एक विशिष्ट सुगंध रची-बसी है। कावटे महांकाल तालुका के धलगांव गांव में 9 जनवरी 1984 को जन्मे अजीतराव आनंदाराव खराड़े की जीवन यात्रा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि संकल्प हो तो शून्य से भी एक संसार रचा जा सकता है।
महज दो वर्ष की आयु में उन्होंने अपने पिता आनंद खराड़े को खो दिया, जो मुंबई बंदरगाह पर कार्यरत थे। पिता के असामयिक निधन से उनके बचपन पर दुःख की छाया छा गई, लेकिन इसी अंधकार में एक मार्गदर्शक प्रकाश बने उनके दादा—स्व. ज्ञानू विठोबा देसाई, जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अजीतराव के जीवन में स्वाभिमान, देशभक्ति और जिजीविषा के संस्कार रोपित किए।
शिक्षा और संकल्प से गढ़ा गया सफर
अजीतराव ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा धलगांव में पूरी की और दसवीं कक्षा में प्रथम क्रमांक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उच्च शिक्षा के लिए वे पी.वी.पी. कॉलेज, कावटे महांकाल में अध्ययनरत रहे। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने एक मेडिकल स्टोर में काम करते हुए पढ़ाई जारी रखी।
मेहनत, ईमानदारी और सपनों पर अटूट विश्वास—यही उनके जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांत बने।
भारतीय सेना में चयन: शौर्य का अध्याय
दादा की स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से प्रेरित होकर अजीतराव के मन में राष्ट्रसेवा की प्रबल इच्छा जागृत हुई। वर्ष 2002 में कोल्हापुर में हुई भर्ती प्रक्रिया में वे पहले ही प्रयास में चयनित हुए और भारतीय सेना में शामिल हुए।
अहमदनगर में कठोर प्रशिक्षण के बाद उन्होंने 16 वर्षों तक देश की सेवा की और मेजर के पद तक पहुंचे।
संवेदनशील नेतृत्व और न्यायप्रिय अधिकारी
सेना में रहते हुए अजीतराव ने केवल अनुशासन और कर्तव्य ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना को भी सर्वोपरि रखा। ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम) के अंतर्गत उन्होंने पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नियमों का सख्ती से पालन करते हुए ज़रूरतमंद सैनिकों को न्याय दिलाने वाले अधिकारी के रूप में वे सम्मान और विश्वास के पात्र बने।
सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा का संकल्प
फरवरी 2018 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद भी अजीतराव की सेवा भावना रुकी नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार सृजन के उद्देश्य से उन्होंने ‘स्वराज कलेक्शन’ नामक वस्त्र उद्योग की स्थापना की।
आज यह उद्यम 20,000 वर्गफुट के भव्य शोरूम में परिवर्तित हो चुका है और 50 से अधिक परिवारों को आजीविका प्रदान कर रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने स्वराज अर्बन निधि, स्वराज अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी तथा सेवारत व सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए कार्यरत विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत किया है।
जनकेंद्रित नेतृत्व का चेहरा
बैंकिंग समस्याओं के समाधान से लेकर सहकार क्षेत्र में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने तक, कोविड-19 महामारी के दौरान राहत कार्य, महिला सशक्तिकरण, निःशुल्क नृत्य कक्षाएं, शिक्षक सम्मान समारोह और रक्तदान शिविर—अजीतराव खराड़े का सामाजिक कार्य बहुआयामी रहा है।
इसके अतिरिक्त, ‘स्वराज मराठी न्यूज’ के माध्यम से उन्होंने निर्भीक और स्वतंत्र पत्रकारिता को एक मंच प्रदान किया है।
एक प्रेरक व्यक्तित्व
पूर्व सैनिक, उद्यमी, समाजसेवक, सहकार नेता और पत्रकार—अजीतराव खराड़े अब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा बन चुके हैं। भले ही वर्दी बदल गई हो, लेकिन उनका सिद्धांत आज भी वही है—
“सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है।”
धलगांव की मिट्टी से उभरा यह आशा का दीपक आज महाराष्ट्र भर के हज़ारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
सम्मान और पहचान
अजीतराव आनंदाराव खराड़े की इस शानदार उपलब्धि को “Maharashtra Business Icon 2025 / Maharashtra Style Icon 2025 / Maharashtra Fashion Icon 2025” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चुना गया है। यह सम्मान Reseal.in और India Fashion Icon Magazine द्वारा उन उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
भव्य पुरस्कार समारोह
इस पुरस्कार समारोह में कई प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियाँ शामिल होंगी:
⭐ वर्षा उसगांवकर – बॉलीवुड अभिनेत्री
⭐ सोनाली कुलकर्णी – भारतीय अभिनेत्री
⭐ प्रार्थना बेहेरे – भारतीय अभिनेत्री
यह आयोजन श्री सुधीर कुमार पठाडे, Founder & CEO, Sure Me Multipurpose Pvt. Ltd. (Reseal.in) के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा, जो महाराष्ट्र के उद्यमियों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने के लिए कार्यरत हैं








