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  • भू-राजनीतिक तनाव के बीच 500 अंक ऊपर चढ़ा सेंसेक्स, बाजार में बढ़त की जानें क्या है खास बड़ी वजह।

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    इस साल की शुरुआत में बाजार की चिंताओं के चलते विदेशी निवेशकों में बिकवाली का रुख रहा. लेकिन पिछले कुछ हफ्ते में इसके विपरीत भारतीय शेयर बाजार में इन्होंने जोरदार खरीदारी की.

    हफ्ते के शुरुआती कारोबारी दिन सोमवार यानी 5 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला. बीएसई सेंसेक्स 516.47अंक की उछाल के साथ 81,018.46 के स्तर पर पहुंच गया जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर 170.15 अंक ऊपर चढ़कर 24,516.85 के पर आ गया. सत्र के दौरान ज्यादातर स्टॉक्स ग्रीन में दिखे, जो दलील स्ट्रीट में सकारात्मक रुझान के संकेत दे रहे थे.

    आइये जानते हैं वो तीन वजह जिनके चलते आज शेयर बाजार में ये बढ़त का दौर देखने को मिला-

    विदेशी निवेशकों की वापसी
    इस साल की शुरुआत में बाजार की चिंताओं के चलते विदेशी निवेशकों में बिकवाली का रुख रहा. लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में इसके विपरीत भारतीय शेयर बाजार में इन्होंने जोरदार तरीके से वापसी की है. सिर्फ 12 सत्रों में ही इन्होंने इक्विटी बाजार में 40 हजार करोड़ का निवेश किया. इसके साथ ही, जो 2025 के पहले तीन महीने में 1.29 लाख करोड़ गए थे, उससे ज्यादा वापस बाजार में गए.

    जियो जीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट डॉक्टर विजय कुमार का कहना है कि इस तेजी की वजह है विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी, डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी.

    इसके साथ ही, भारतीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है. जीएसटी कलेक्शन साल दर साल 12.6 प्रतिशत बढ़कर अप्रैल में रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपये हो गया. ये बढ़ते उपभोग और टैक्स के इजाफे के संकेत है. दूसरी तरफ डॉलर इंडेक्स जनवरी में 111 से तेजी के साथ गिरकर 100 पर आ गया. इससे बाजार पर बने दबाव में कमी आयी. कच्चे तेल की कीमतों में आयी कमी और भारतीय करेंसी के स्थायित्व ने भी विदेश निवेशकों को अपनी ओर खिंचा है.

    वैश्विक व्यापारिक तनाव में कमी
    एक अन्य वजह रही वैश्विक व्यापार में आए तनाव में कमी की. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से टैरिफ पर चीन के साथ बातचीत के दिए संकेत के बाद ग्लोबल मार्केट में साकारात्मक रुझान दिखा है. इसके साथ ही, चौथी तिमाही के आए नतीजों ने भी मार्केट को बूस्ट करने का काम किया है. यही वजह है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर भूराजनीतिक तनाव के बावजूद बाजार पर इसका कोई असर नहीं देखने को मिल रहा है.

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