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आज प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया पता-‘सेवा तीर्थ’ नामक परिसर का उद्घाटन किया। यह कदम सरकार के प्रशासनिक कामकाज में लाखों लोगों के सामने आसानी और प्रभावी सेवा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
‘सेवा तीर्थ’ अब पीएमओ के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय का भी मुख्य कार्यालय बनेगा। इससे पहले ये तीनों अलग-अलग ऐतिहासिक इमारतों में काम करते थे। नए परिसर का नाम “सेवा का तीर्थ” रखने का अर्थ है कि जनता की सेवा ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
इस नए परिसर की दीवार पर “नागरिक देवो भव” (नागरिक भगवान के समान) का आदर्श वाक्य लिखा गया है, जो यह संदेश देता है कि जनता की भलाई सरकार का सर्वोच्च उद्देश्य है। इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ South Block में स्थित पीएमओ का दशक-पुराना स्थान भी अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है।
सेवा तीर्थ परिसर में सुविधाएँ आधुनिक, इको-फ्रेंडली और डिजिटल तकनीक से लैस हैं, जिससे सरकारी कामकाज और निर्णय-प्रक्रिया में तेजी आएगी और व्यवस्था और ज़्यादा पारदर्शी बनेगी। इस कदम को सरकार के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने नए कार्यालय से महिलाएं, किसान, युवाओं व आम नागरिकों के लिए कल्याणकारी फैसलों पर दस्तख़त किए, जिनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ पहुँचना है। इन फैसलों में स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला-सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र को समर्थन देना शामिल हैं।








