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किसी भी कृषि उत्पाद को स्थानीय बाजार से निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाना आसान नहीं होता, विशेष रूप से तब जब वह उत्पाद केला जैसा नाजुक और जल्दी खराब होने वाला फल हो। लेकिन अक्षय गरकड ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और तकनीकी समझ के दम पर यह संभव कर दिखाया।
आज वे केले के निर्यात क्षेत्र में एक सफल और विश्वसनीय नाम बन चुके हैं। परंतु इस मुकाम तक पहुँचने का उनका सफर संघर्षों और कठिन परीक्षाओं से भरा रहा है।
अक्षय गरकड ने जब केले के व्यापार में कदम रखा, तब उनके पास सीमित पूंजी थी, परंतु आत्मविश्वास और उत्साह भरपूर था। उन्होंने स्थानीय बिचौलियों की व्यवस्था को दरकिनार करते हुए सीधे किसानों से फल खरीदने का निर्णय लिया।
स्थानीय बाजार में सीमित लाभ देखकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार की ओर रुख किया। उनका लक्ष्य था – भारत के खेतों में उगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले केले को यूरोप और खाड़ी देशों तक पहुँचाना।
निर्यात का पहला प्रयास अक्षय के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में केले की लंबाई, मोटाई, रंग, गुणवत्ता और पैकेजिंग के सख्त मानक होते हैं।
बहुत मेहनत से उच्च गुणवत्ता का माल इकट्ठा कर उन्होंने पहला कंटेनर विदेश भेजा। लेकिन यात्रा के दौरान तापमान नियंत्रण में कमी और पैकेजिंग की त्रुटियों के कारण पूरा माल खराब हो गया। विदेशी खरीदार ने खेप को अस्वीकार कर दिया।
इस घटना से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। मानसिक रूप से यह उनके लिए बड़ा आघात था। कई लोगों ने सलाह दी कि वे यह जोखिम भरा व्यवसाय छोड़ दें।
लेकिन अक्षय ने हार नहीं मानी। उन्होंने हर गलती का विश्लेषण किया और सुधार की दिशा में कदम उठाए।
📦 पैकेजिंग में सुधार
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उन्नत पैकेजिंग और वेंटिलेशन तकनीक अपनाई ताकि यात्रा के दौरान फल सुरक्षित रहें।
❄️ कोल्ड चेन प्रबंधन
उन्होंने खेत से लेकर बंदरगाह तक तापमान 13–14 डिग्री सेल्सियस बनाए रखने के लिए आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और रीफर वैन व्यवस्था विकसित की।
👨🌾 किसानों के साथ साझेदारी
उन्होंने किसानों को निर्यात योग्य गुणवत्ता का उत्पादन कैसे करें, इस पर प्रशिक्षण देना शुरू किया। सही समय पर कटाई, बंच कवर का उपयोग और सावधानीपूर्वक हैंडलिंग पर विशेष ध्यान दिया गया।
आज अक्षय गरकड के माध्यम से खाड़ी देशों, ईरान और यूरोप की बाजारों में उच्च गुणवत्ता के केले निर्यात किए जाते हैं।
उन्होंने न केवल अपना व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि सैकड़ों स्थानीय किसानों को भी स्थायी और बेहतर आय का अवसर प्रदान किया। किसानों को अब उनके उत्पाद का उचित और सुनिश्चित मूल्य मिलता है।
अक्षय गरकड की यात्रा हमें सिखाती है कि –
“व्यवसाय में आने वाली कठिनाइयाँ हमें गिराने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत बनाने के लिए आती हैं।”
असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की तैयारी होती है।
उनकी उद्यमशीलता, तकनीकी समझ और निर्यात क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित “Maharashtra Business Icon” पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
यह सम्मान Reseal.in तथा India Fashion Icon Magazine द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के उभरते उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।
इस भव्य समारोह में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री Prarthana Behere विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
कार्यक्रम का आयोजन Sudhir Kumar Pathade, संस्थापक एवं CEO, Reseal.in के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र के प्रतिभाशाली उद्यमियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।








