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भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन आज भी उनका योगदान भारतीय क्रिकेट में लगातार दिखाई दे रहा है। हाल के वर्षों में वह युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे भरोसेमंद मेंटर बनकर उभरे हैं।
कठिन समय में कई भारतीय क्रिकेटर अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए युवराज सिंह से सलाह लेने पहुंचते हैं। इनमें Rishabh Pant, Shubman Gill, Abhishek Sharma, Prabhsimran Singh और Priyansh Arya जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
ऋषभ पंत ने मांगी युवराज से मदद
हाल ही में खबर आई कि Rishabh Pant ने मुंबई में युवराज सिंह के साथ समय बिताया और अपने खेल के कई पहलुओं पर चर्चा की। सीमित ओवरों की टीम में अपनी जगह को लेकर चुनौती का सामना कर रहे पंत अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए युवराज से मार्गदर्शन ले रहे हैं।
कोविड के दौरान शुरू हुई मेंटरशिप
युवराज सिंह की मेंटरशिप की शुरुआत कोविड-19 महामारी के दौरान हुई थी। उस समय उन्होंने पंजाब के कुछ युवा खिलाड़ियों को अपने घर बुलाकर मुफ्त में ट्रेनिंग दी थी। उसी ग्रुप में Shubman Gill और Abhishek Sharma भी शामिल थे।
आज गिल भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान बन चुके हैं, जबकि अभिषेक शर्मा टी20 फॉर्मेट के प्रमुख बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।
क्यों खास हैं युवराज की ट्रेनिंग?
युवराज सिंह को बल्लेबाजी की बारीकियों की गहरी समझ है। उनकी ट्रेनिंग में संतुलन, टाइमिंग और पावर-हिटिंग पर खास ध्यान दिया जाता है। अभिषेक शर्मा की ऑफ-साइड में लंबी हिट लगाने की क्षमता को युवराज की ट्रेनिंग का बड़ा असर माना जाता है।
इसके अलावा युवराज का स्वभाव काफी सहज और मजाकिया माना जाता है। खिलाड़ी उनके साथ अभ्यास के दौरान सहज महसूस करते हैं, जिससे सीखने का माहौल बेहतर बनता है।
पावर-हिटिंग के बादशाह रहे युवराज
अपने करियर के दौरान युवराज सिंह दुनिया के सबसे खतरनाक पावर-हिटर्स में गिने जाते थे। 2007 ICC T20 World Cup में उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज Stuart Broad के एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया था।
इसके अलावा 2011 ICC Cricket World Cup में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था और भारत की जीत में उनकी अहम भूमिका रही थी।
आज निभा रहे हैं बड़े भाई की भूमिका
आज युवराज सिंह खुद को युवा खिलाड़ियों के लिए बड़े भाई की तरह मानते हैं। वह उन्हें न केवल तकनीकी सलाह देते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
अगर आने वाले समय में ऋषभ पंत या अन्य खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो इसमें उनकी मेहनत के साथ-साथ युवराज सिंह की मार्गदर्शक भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।








