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केंद्र सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk के खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत निरोध को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस फैसले के बाद वांगचुक की हिरासत समाप्त कर दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब उनके समर्थन में देश के कई हिस्सों में आवाज उठ रही थी।
NSA के तहत हुई थी हिरासत
वांगचुक को पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। इस कानून के तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के कुछ समय तक हिरासत में रख सकती है, यदि उसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाए।
हालांकि अब केंद्र सरकार ने समीक्षा के बाद इस निरोध को वापस लेने का फैसला किया है।
लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय
Sonam Wangchuk लंबे समय से Ladakh से जुड़े पर्यावरण और विकास के मुद्दों को उठाते रहे हैं। वह क्षेत्र के लिए विशेष संवैधानिक संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की मांग करते रहे हैं।
उनकी हिरासत के बाद कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने इस पर चिंता जताई थी।
सरकार का फैसला
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मामले की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया कि वांगचुक के खिलाफ लगाया गया निरोध जारी रखने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इसे तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे राहत भरा कदम बताया है।








