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महाराष्ट्र में ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्य के परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने ट्रांसपोर्ट संगठनों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन चालकों से ई-चालान की वसूली के लिए किसी भी तरह की जबरदस्ती न की जाए।
दरअसल, राज्य के विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों ने 5 मार्च 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी। इस संभावित आंदोलन को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग सतर्क हो गया और मंत्री प्रताप सरनाईक ने संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में परिवहन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
बैठक के दौरान ट्रांसपोर्ट संगठनों ने ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। संगठनों का कहना था कि कुछ स्थानों पर वाहन चालकों से ई-चालान का जुर्माना जबरदस्ती वसूला जाता है। इसके अलावा अवैध रूप से पैसे मांगने और ड्राइवरों के साथ अभद्र व्यवहार की भी शिकायतें सामने आईं।
इन शिकायतों को देखते हुए ट्रैफिक विभाग के उच्च अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। राज्य के ट्रैफिक विभाग के अप्पर पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को एक परिपत्र जारी किया है। इस परिपत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ई-चालान की वसूली के लिए किसी भी वाहन चालक पर दबाव न डाला जाए।
साथ ही यह भी कहा गया है कि ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी वाहन चालकों के साथ शिष्टता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। यदि कोई पुलिसकर्मी इन निर्देशों का उल्लंघन करता है या अवैध वसूली में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि ऐसे निर्देशों से ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनेगी। साथ ही वाहन चालकों को भी निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार मिलेगा।
इसी बीच मुंबई में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शहर में Mumbai Metro Line 3 के स्टेशनों के आसपास यातायात की समस्या को देखते हुए 30 मीटर के दायरे में 24 घंटे का नो-पार्किंग ज़ोन घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार के पास वाहनों की पार्किंग से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी।
मुंबई मेट्रो की यह लाइन लगभग 33.5 किलोमीटर लंबी है और इसमें कुल 27 स्टेशन शामिल हैं। ऐसे में स्टेशनों के आसपास यातायात सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक विभाग ने यह कदम उठाया है।
सरकार और प्रशासन का कहना है कि इन नए निर्देशों से न केवल ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। आने वाले समय में ऐसे कदमों से वाहन चालकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनने की उम्मीद जताई जा रही है।








