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उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने एडेड (सहायता प्राप्त) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की ग्रेच्युटी (Gratuity) की अधिकतम सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी है।
लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा
इस फैसले से प्रदेश के हजारों एडेड स्कूलों में कार्यरत बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला लंबे समय से उठ रही मांग के बाद लिया गया है, जिसमें एडेड स्कूल स्टाफ को भी सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने की बात कही जा रही थी।
क्यों बढ़ाई गई ग्रेच्युटी?
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, जब महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन का 50% हो जाता है, तो नियमों के तहत ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने का प्रावधान होता है। इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
पहले क्या थी व्यवस्था?
अब तक एडेड स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹20 लाख थी।
हालांकि, राज्य सरकार पहले ही सरकारी कर्मचारियों के लिए यह सीमा ₹25 लाख कर चुकी है, जिसके बाद एडेड स्कूल स्टाफ भी समान लाभ की मांग कर रहा था।
सरकार ने जारी किया आदेश
इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है और वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद अब नई ग्रेच्युटी सीमा लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
मृत्यु पर भी मिलेगा लाभ
सरकार के आदेश के अनुसार, यदि सेवा के दौरान किसी शिक्षक या कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिजनों को भी नियमानुसार ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
क्या है महत्व?
इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है। रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि बढ़ने से भविष्य को लेकर चिंता कम होगी और कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
योगी सरकार का यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। ग्रेच्युटी सीमा में बढ़ोतरी से न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि सरकारी और एडेड संस्थानों के बीच सुविधा का अंतर भी कम होगा।








