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मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गुढीपाडवा मेळावा 2026 बड़े ही उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस मौके पर मनसे प्रमुख Raj Thackeray ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति से लेकर महाराष्ट्र के स्थानीय मुद्दों तक कई अहम विषयों को उठाया।
राज ठाकरे ने अपने भाषण की शुरुआत ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के मुद्दे से की। उन्होंने कहा कि भारत को इस मामले में ईरान का साथ देना चाहिए था, क्योंकि ईरान ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा भारत का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व की मौत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जो कूटनीतिक रूप से उचित नहीं है।
इसके बाद उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोगों को जानबूझकर मनोरंजन में उलझाकर रखा जा रहा है, ताकि वे सरकार के खिलाफ आवाज न उठाएं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब लोग सड़कों पर उतरने के बजाय मोबाइल पर ही अपनी नाराजगी जाहिर कर देते हैं, जिससे वास्तविक आंदोलन कमजोर हो रहे हैं।
राज ठाकरे ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पहले महाराष्ट्र पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बुनियादी ढांचे की आलोचना करते हुए कहा कि “पिज्जा 10 मिनट में पहुंच जाता है, लेकिन आम आदमी 10 मिनट में कहीं नहीं पहुंच सकता।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने शहरों में ट्रैफिक और अव्यवस्थित विकास की ओर इशारा किया।
शहरी विकास पर बोलते हुए उन्होंने कोस्टल रोड परियोजना की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इस तरह की परियोजनाएं आम मराठी लोगों के हित में नहीं हैं, बल्कि बाहरी लोगों के लिए शहर के दरवाजे खोलने का काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को जमीनें दे रही है और शहरों का संतुलित विकास नहीं हो रहा।
राज ठाकरे ने राज्य में बढ़ती अपराध घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर साल हजारों बच्चे लापता होते हैं, जो समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।
अपने भाषण में उन्होंने अपने दादा Prabodhankar Thackeray का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रबोधनकार ठाकरे कभी किसी समाज के विरोधी नहीं थे, बल्कि वे समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनके विचारों को सही संदर्भ में समझें।
राज ठाकरे ने अपने पुराने ‘महाराष्ट्र ब्लूप्रिंट’ का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने 2014 में राज्य के विकास के लिए एक विस्तृत योजना पेश की थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि उस योजना को ठीक से पढ़ा और समझा नहीं गया।
इस दौरान उन्होंने “Maharashtra Next” नाम की एक नई वेबसाइट लॉन्च करने की घोषणा की। इस प्लेटफॉर्म के जरिए आम नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे साझा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा मंच होगा, जहां जनता और सरकार के बीच संवाद को मजबूत किया जाएगा और विशेषज्ञों की मदद से सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
कुल मिलाकर, मनसे का यह गुढीपाडवा मेळावा केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले शक्ति प्रदर्शन और विचारों की दिशा तय करने का मंच भी साबित हुआ। राज ठाकरे के आक्रामक तेवर और विभिन्न मुद्दों पर दिए गए बयानों से यह साफ है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति और भी गर्माने वाली है।








