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महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना” को लेकर पिछले कुछ दिनों से फैल रही अफवाहों पर अब विराम लग गया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने साफ शब्दों में कहा है कि योजना से बड़े पैमाने पर लाभार्थियों के नाम हटाने की खबरें पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की लाखों महिलाओं ने राहत की सांस ली है।
यह योजना राज्य की महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना का लाभ करोड़ों महिलाएं उठा रही हैं और यह महाराष्ट्र की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक मानी जाती है।
हालांकि, हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि इस योजना के तहत करीब 90 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इन खबरों के सामने आते ही राज्यभर में हड़कंप मच गया और लाभार्थी महिलाएं असमंजस में पड़ गईं कि कहीं उनका नाम भी सूची से बाहर तो नहीं कर दिया गया।
इसी बीच, सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया गया। मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें तथ्यहीन हैं और लोगों को इन पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया अभी जारी है और 31 मार्च 2026 तक सभी लाभार्थियों को अपनी जानकारी अपडेट करने का मौका दिया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सही स्थिति स्पष्ट होगी।
सरकार ने ई-केवाईसी अनिवार्य इसलिए किया है ताकि योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं तक पहुंचे जो इसके लिए पात्र हैं। हाल के समय में कुछ ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें अपात्र लोग या यहां तक कि पुरुष भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे। ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या जिनके पास चारपहिया वाहन है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक किसी भी बड़े पैमाने पर नाम हटाने की पुष्टि नहीं की है। इसलिए अंतिम निर्णय ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
अदिति तटकरे ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें और यदि किसी प्रकार की गलती हुई है तो उसे 31 मार्च से पहले सुधार लें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने महिलाओं को यह अंतिम मौका दिया है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना आवश्यक है।
इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। हर महीने मिलने वाली यह सहायता राशि कई परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी है। ऐसे में योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री ने मीडिया से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की खबर प्रसारित करने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें, ताकि आम जनता में भ्रम की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी आधिकारिक स्रोतों से आने वाली जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
फिलहाल, सरकार की ओर से दिए गए इस स्पष्टीकरण के बाद योजना से जुड़े सभी संदेह दूर हो गए हैं। अब लाभार्थियों को केवल यह सुनिश्चित करना है कि वे समय पर अपनी ई-केवाईसी पूरी कर लें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुल मिलाकर, “लाडकी बहिण योजना” को लेकर फैली अफवाहों का खंडन करते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना पूरी तरह से जारी रहेगी और पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा।








