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रणजीत कुमार | जहानाबाद, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने बड़ी कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर मखदुमपुर, कड़ौना और परस बीघा थानों के थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
एसपी की यह कार्रवाई जिले में लागू ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है। जानकारी के अनुसार, बीती रात अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए ‘एस-ड्राइव’ अभियान के दौरान इन अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे।
मखदुमपुर थाना प्रभारी दिवाकर कुमार विश्वकर्मा और कड़ौना थाना प्रभारी संजय कुमार अभियान के दौरान अपने कर्तव्य स्थल पर मौजूद रहने के बजाय थाने में ही पाए गए। फील्ड में सक्रिय रहने के बजाय उनकी यह लापरवाही सामने आने पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
वहीं, परस बीघा थानाध्यक्ष श्याम किशोर पांडे की लापरवाही और भी गंभीर पाई गई। उन्हें एक हत्या के आरोपी फंटू कुमार के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने गलत रिपोर्ट देते हुए एक मृत व्यक्ति को जीवित बताकर विभाग को गुमराह किया। जांच में सामने आया कि आरोपी की मृत्यु तीन वर्ष पूर्व ही हो चुकी थी। इस गंभीर चूक को अक्षम्य मानते हुए उन्हें भी तत्काल निलंबित कर दिया गया।
एसपी अपराजित लोहान ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों की गतिविधियों पर डिजिटल माध्यमों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थानों में भी हड़कंप मच गया है और अधिकारी अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने में जुट गए हैं। साथ ही, खाली हुए पदों पर नए प्रभारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
एसपी की इस सख्त कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








