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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध के माहौल में Donald Trump ने एक बार फिर कड़ा और विवादित बयान दिया है। अपने हालिया संबोधन में ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर आने वाले 2 से 3 हफ्तों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान पर ऐसे हमले करेगा कि उसे “स्टोन एज” यानी पाषाण युग में पहुंचा दिया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और वैश्विक स्तर पर तेल, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
ट्रंप ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि:
- अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को लगभग पूरा कर चुका है
- अगर ईरान ने बातचीत में सहयोग नहीं किया, तो अगले 2-3 हफ्तों में बड़े हमले होंगे
- अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (जैसे बिजली संयंत्र और ऊर्जा संसाधन) को निशाना बना सकता है
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका “बहुत तेजी से युद्ध खत्म करना चाहता है”, लेकिन यह तभी संभव है जब ईरान उसकी शर्तों को माने।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया कि:
- ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है
- तेल और गैस से जुड़े ठिकानों पर भी हमला संभव
- इससे ईरान की आर्थिक और नागरिक व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है
ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका युद्ध को निर्णायक मोड़ पर ले जाने की तैयारी में है।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा शुरू किए गए इस सैन्य अभियान में:
- ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया
- मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को भी काफी हद तक कमजोर करने की बात कही गई
- हालांकि, युद्ध के खत्म होने की कोई स्पष्ट समयसीमा अभी नहीं दी गई है
दूसरी तरफ, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है और संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल देखी गई:
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- शेयर बाजारों में गिरावट
- खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर संकट बढ़ने से चिंता
यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, और यहां तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका के भीतर भी कई सवाल उठ रहे हैं:
- युद्ध की स्पष्ट रणनीति क्या है?
- क्या यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है?
- बढ़ती महंगाई और तेल कीमतों का क्या असर होगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी जनता में इस युद्ध को लेकर असंतोष भी बढ़ रहा है।
हालांकि ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि:
- बातचीत अभी भी जारी है
- अगर ईरान शर्तें मान लेता है, तो युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है
लेकिन अब तक दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया है।
Donald Trump का “स्टोन एज” वाला बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष अब और अधिक खतरनाक मोड़ ले सकता है। आने वाले 2-3 हफ्ते इस युद्ध के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक रास्ता निकलेगा या फिर यह संघर्ष और बड़े सैन्य टकराव में बदल जाएगा।








