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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि ‘मां’ के समान है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीजेपी एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है, जहां कार्यकर्ता पार्टी को मां का दर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस उनके लिए सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अवसर होता है। यह दिन कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा का अवसर देने के लिए पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है।
Bharatiya Janata Party के लाखों कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी आज जिस ऊंचाई पर पहुंची है, उसके पीछे कार्यकर्ताओं का वर्षों का तप, त्याग और समर्पण है। उन्होंने कहा कि यह सफलता रातोंरात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे लाखों कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और संघर्ष छिपा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में चुनावी राज्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस समय जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कार्यशैली में भी नयापन आने की बात कही और कहा कि यह बदलाव पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा, “मैं पार्टी में एक नई ऊर्जा देख रहा हूं, एक नया उत्साह देख रहा हूं। कार्यकर्ताओं की कार्यशैली में भी नवीनता नजर आ रही है, जो आने वाले चुनावों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
प्रधानमंत्री ने संगठन की जड़ों को याद करते हुए Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि RSS के मार्गदर्शन में ही पार्टी को साफ नीयत और सुचिता के साथ राजनीति करने की प्रेरणा मिली। इसी सोच के साथ बीजेपी ने खुद को एक सशक्त कैडर-आधारित पार्टी के रूप में विकसित किया।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि शुरुआती दशकों में पार्टी ने संगठन निर्माण और नीतियों को मजबूत करने पर ध्यान दिया। इसके बाद पार्टी ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को जनता से जोड़ने और मजबूत संगठन खड़ा करने में अपनी ऊर्जा लगाई।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इसी समर्पण और भावना के साथ आगे भी राष्ट्रसेवा में जुटे रहें। पीएम मोदी के इस संबोधन ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम किया है, खासकर ऐसे समय में जब देश के कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है।
कुल मिलाकर, बीजेपी स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल पार्टी के इतिहास और संघर्ष को याद करने का अवसर बना, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने वाला संदेश भी साबित हुआ।








