महाराष्ट्र के सांगली जिले में 14 वर्षीय वेदांत बंडगर की निर्मम हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के दादा बालू बंडगर ने आरोपी निलेश गडदे के एनकाउंटर की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
बालू बंडगर का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले ही शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन जत पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो उनके नाती की जान बच सकती थी।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सांगली जिले के आरग स्थित रेलवे मालधक्का क्षेत्र की ठेकेदारी और कथित 10 लाख रुपये की रंगदारी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि निलेश गडदे ने ठेका छोड़ने या 10 लाख रुपये देने की मांग की थी। जब इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने की कोशिश की गई, तो आरोपी ने रंजिश रखते हुए वेदांत बंडगर की गोली मारकर हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने लक्ष्मण खरात के घर में घुसकर भी धमकी दी थी। उसने कथित रूप से ठेका छोड़ने या पैसे देने की मांग की थी और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी गई थी।
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बालू बंडगर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके नाती की हत्या करने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई और अब आरोपी का एनकाउंटर किया जाना चाहिए।
इस घटना के विरोध में सांगली हमाल पंचायत ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। मालधक्का क्षेत्र के हमालों ने काम बंद कर अपना विरोध दर्ज कराया है। साथ ही मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पर मोर्चा निकालने की घोषणा की गई है।
हमाल पंचायत के नेता विकास मगदूम ने कहा कि व्यावसायिक विवाद के चलते एक मासूम बच्चे की हत्या बेहद निंदनीय और दुखद है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी तथा उसके सहयोगियों की तलाश जारी है। वहीं, पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।








