राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आबूराज में आयोजित आबूपर्वत विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पर्यटन, आध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर विस्तृत विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आबूराज की प्राकृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
समयबद्ध विकास कार्यों पर दिया जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य विभागों के आपसी समन्वय से निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा और निगरानी आवश्यक है।
मुख्य सचिव और संभागीय आयुक्त करेंगे मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की निरंतर प्रगति पर नजर रखने के लिए मुख्य सचिव और संबंधित संभागीय आयुक्त को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्राकृतिक और धार्मिक विरासत का होगा संरक्षण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आबूराज अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और धार्मिक महत्व के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। विकास कार्यों के दौरान इन सभी विशेषताओं का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर का लाभ उठा सकें।
विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में पहल
बैठक में आबूराज को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, पर्यावरण अनुकूल और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार करना है।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।








