क्षेत्र में शैक्षिक नवाचारों और अकादमिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध एकलव्य पीजी कॉलेज, भादरा में रविवार को गरिमामय पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. एच.आर. ईसरान एवं डॉ. सुभाष सिहाग द्वारा लिखित अंग्रेज़ी व्याकरण की पुस्तक ‘मास्टरिंग इंग्लिश ग्रामर’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक का प्रकाशन साहित्यगार, जयपुर द्वारा किया गया है।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. भरत ओला ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह कृति विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक विश्वसनीय एवं दीर्घकालिक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक लेखन वर्षों की साधना, अनुशासन और गहन अध्ययन का परिणाम होता है तथा दोनों लेखकों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
भाषा में फ्लुएंसी से अधिक जरूरी है एक्यूरेसी
समारोह में मुख्य वक्ता एवं सह-लेखक प्रो. एच.आर. ईसरान ने साहित्यिक पुस्तकों और व्याकरण पुस्तकों के स्वरूपगत अंतर को स्पष्ट करते हुए भाषा में व्याकरण की अनिवार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा में केवल धाराप्रवाह बोलना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सही और सटीक अभिव्यक्ति अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अंग्रेज़ी और हिन्दी भाषा की अनेक सूक्ष्म व्याकरणिक बारीकियों को रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए कहा कि व्याकरण की छोटी-सी गलती भी अर्थ का अनर्थ कर सकती है। इसलिए भाषा सीखने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए व्याकरण की मजबूत समझ आवश्यक है।
वर्षों के अनुभव का सार है यह पुस्तक
सह-लेखक डॉ. सुभाष सिहाग ने कहा कि अपने गुरु प्रो. ईसरान की भाषाई दक्षता, व्याकरण पर गहरी पकड़ और शब्दों के सूक्ष्म अर्थभेद की समझ को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस पुस्तक की रचना की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्षों के अध्ययन, अध्यापन और व्यावहारिक अनुभव का सार इस पुस्तक में समाहित किया गया है, जिससे विद्यार्थी जटिल व्याकरणिक अवधारणाओं को भी सरलता से समझ सकेंगे।
विशेषज्ञों ने की पुस्तक की सराहना
समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. सत्यपाल ने कहा कि दोनों लेखकों ने अंग्रेज़ी व्याकरण के कठिन विषयों को अत्यंत सरल और सहज शैली में प्रस्तुत किया है।
वहीं एसीबीओ भादरा जैनेंद्र जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों की शैक्षिक यात्रा में एक विश्वसनीय साथी साबित होगी।
शिक्षाविद् कृष्ण सिहाग, सुनील स्वामी और प्रवीण कस्वां ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कृति न केवल अकादमिक अध्ययन बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
प्राचार्या ने जताया आभार
कार्यक्रम की अध्यक्षता एकलव्य पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. पूनम रानी सिहाग ने की। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अकादमिक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन शिवराज सिंह ने किया। समारोह के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को पुस्तक की निःशुल्क प्रतियां भेंट की गईं।
यह आयोजन न केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित रहा, बल्कि भाषा, व्याकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर सार्थक चर्चा का मंच भी बना। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मास्टरिंग इंग्लिश ग्रामर’ आने वाले समय में अंग्रेज़ी भाषा सीखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक के रूप में स्थापित होगी।








