पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी को हत्या से ठीक 34 मिनट पहले एक सीक्रेट कॉल किया था। पुलिस इस कॉल को पूरी साजिश का अंतिम संकेत (Final Go-Ahead) मान रही है।
मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर पुलिस अब इस कॉल को हत्या की पूर्व नियोजित साजिश का सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मान रही है।
हत्या से पहले हुई थी आखिरी बातचीत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच हुई यह आखिरी कॉल हत्या से महज 34 मिनट पहले हुई थी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस बातचीत के दौरान सिया ने लोहागढ़ किले के उस व्यू प्वाइंट की सटीक लोकेशन साझा की, जहां घटना को अंजाम दिया गया। साथ ही उसने यह भी बताया कि उस समय वहां कोई अन्य पर्यटक मौजूद नहीं था।
तीन महीने की चैट्स और वॉइस नोट्स किए डिलीट
फोरेंसिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने पिछले तीन महीनों के दौरान हुई बातचीत के व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम चैट्स, साथ ही कई वॉइस नोट्स डिलीट कर दिए थे, ताकि हत्या की योजना से जुड़े सबूत मिटाए जा सकें।
अब पुलिस की साइबर टीम फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से इन डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी हुई है।
डिजिटल सबूतों की हो रही क्रॉस-वेरिफिकेशन
पुलिस अब रिकवर किए गए चैट्स, मोबाइल लोकेशन, इंटरनेट आईपी एड्रेस और कॉल रिकॉर्ड का आपस में मिलान कर रही है।
जांच एजेंसियों का उद्देश्य अदालत में यह साबित करना है कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मजबूत अभियोजन तैयार किया जा रहा है।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल (25) से नवंबर 2026 में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी।
आरोप है कि 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले पर उसने केतन को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में चेतन चौधरी को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
पहले भी किया गया था हत्या का प्रयास
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की योजना मई के अंत में ही तैयार कर ली गई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 14 जून को भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ियों को पकड़कर बच गया। उस समय सिया ने घटना को छिपाने के लिए सांप दिखाई देने का बहाना बनाकर इसे दुर्घटना बताया था।
दूसरी कोशिश में चेतन भी पहुंचा था किले पर
पहले प्रयास के विफल रहने के बाद 18 जून को दोबारा योजना बनाई गई। पुलिस का दावा है कि इस बार चेतन चौधरी भी लोहागढ़ किले तक पहुंचा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केतन किसी भी हालत में बच न सके।
क्रिकेट मैच से शुरू हुई थी दोनों की नजदीकी
जांच के दौरान सिया के भाई ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की मुलाकात चेतन चौधरी से पहली बार उसके क्रिकेट मैचों के दौरान हुई थी। बाद में एक साझा मित्र के जरिए दोनों फिर मिले और धीरे-धीरे उनके बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।
पुलिस का कहना है कि अब तक मिले डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। डिलीट किए गए चैट्स और कॉल रिकॉर्ड की पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








