भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर और मुंबई के कप्तान शार्दुल ठाकुर ने लगभग एक साल बाद टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पिछले वर्ष इंग्लैंड दौरे के दौरान टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। शार्दुल का मानना है कि यदि उन्हें उचित समय पर गेंदबाजी का अवसर मिलता, तो वे टीम के लिए अधिक प्रभावी साबित हो सकते थे।
इंग्लैंड दौरे को लेकर छलका दर्द
शार्दुल ठाकुर पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा थे। हालांकि उन्हें पूरी सीरीज में केवल दो टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने गेंदबाजी में सीमित भूमिका निभाई, जिसे लेकर अब उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
शार्दुल ने कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में उनसे अपेक्षा के अनुरूप गेंदबाजी नहीं कराई गई। उनका मानना है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें गलत समय पर गेंद थमाई और कई महत्वपूर्ण मौकों पर उनका उपयोग ही नहीं किया।
“मेरा सही इस्तेमाल नहीं हुआ”
शार्दुल ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा,
“मुझे लगता है कि इंग्लैंड में मेरा सही इस्तेमाल नहीं हुआ। मुझसे बहुत कम गेंदबाजी कराई गई और गलत फेज में इस्तेमाल किया गया। मैं कहूंगा कि वहां कैलकुलेशन एरर्स हुई थीं।”
उन्होंने कहा कि एक ऑलराउंडर के तौर पर उनकी भूमिका केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं थी, लेकिन उन्हें गेंद से अपनी क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
कप्तान और कोच की रणनीति पर उठे सवाल
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में थी, जबकि गौतम गंभीर मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे थे। ऐसे में शार्दुल का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से कप्तान और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल माना जा रहा है।
दो टेस्ट मैचों में शार्दुल से केवल 27 ओवर गेंदबाजी कराई गई, जबकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
बल्लेबाजी में अपनी गलती भी मानी
हालांकि शार्दुल ने केवल टीम मैनेजमेंट को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी आत्ममंथन किया और स्वीकार किया कि लीड्स टेस्ट में उन्होंने गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया।
उन्होंने कहा,
“लीड्स में मेरी गलती थी कि मैंने खराब शॉट खेला। लेकिन मैनचेस्टर में मैंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की। उस समय मौसम चुनौतीपूर्ण था, गेंद स्विंग कर रही थी और पिच पर असमान उछाल था। मैंने मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।”
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद बरकरार
लगभग एक वर्ष से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर चल रहे शार्दुल ठाकुर ने कहा कि उनका सपना अभी भी भारत के लिए दोबारा खेलने का है।
उन्होंने कहा,
“मैं 100 प्रतिशत दोबारा भारत के लिए खेलना चाहता हूं। मेरे मन में यह इच्छा हमेशा रहती है। भले ही आप टीम से बाहर हों, लेकिन जब तक उम्मीद जिंदा है, तब तक कुछ भी संभव है। मौका मिलेगा तो मैं पूरी मेहनत के साथ वापसी करूंगा।”
पिछले साल खेला था आखिरी इंटरनेशनल मैच
शार्दुल ठाकुर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान खेला था। वह सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई थी। इसके बाद से उन्हें टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है, हालांकि घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
टीम इंडिया से बाहर रहने के बावजूद शार्दुल ठाकुर घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहे हैं। मुंबई की कप्तानी संभालते हुए उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चयनकर्ताओं की नजर भी उनके प्रदर्शन पर बनी हुई है।
वापसी के लिए तैयार हैं शार्दुल
34 वर्षीय ऑलराउंडर का कहना है कि उन्होंने अपनी फिटनेस, गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर लगातार काम किया है और यदि उन्हें दोबारा मौका मिलता है तो वह पहले से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
शार्दुल ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय टीम आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है। ऐसे में उनकी वापसी की संभावना पर भी क्रिकेट जगत की नजरें बनी रहेंगी।








