भारत में अब पेट्रोल सिर्फ एक ही प्रकार का नहीं रह गया है। बदलती तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के पेट्रोल को बाजार में उपलब्ध कराया है। आज भारतीय बाजार में कुल पांच प्रकार के पेट्रोल बिक रहे हैं, जिनकी ऑक्टेन रेटिंग, इथेनॉल मिश्रण और उपयोग अलग-अलग है।
अगर आप भी अपनी कार या बाइक में सही पेट्रोल डलवाना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि कौन-सा पेट्रोल आपके वाहन के लिए सबसे उपयुक्त है।
1. रेगुलर पेट्रोल (E20 – 91 ऑक्टेन)
यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला पेट्रोल है। देशभर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर यही ईंधन उपलब्ध है।
इसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है, जिसे E20 कहा जाता है। इसकी ऑक्टेन रेटिंग 91 होती है।
यह सामान्य बाइक, स्कूटर और अधिकांश पेट्रोल कारों के लिए उपयुक्त माना जाता है। रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए यह सबसे किफायती विकल्प है।
2. प्रीमियम पेट्रोल (E20 – 95 ऑक्टेन)
इंडियन ऑयल का XP95 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का पावर पेट्रोल इसी श्रेणी में आते हैं।
इसमें भी 20 प्रतिशत इथेनॉल होता है, लेकिन इसकी ऑक्टेन रेटिंग 95 होती है। इसमें विशेष डिटर्जेंट एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन को साफ रखने और बेहतर परफॉर्मेंस देने में मदद करते हैं।
यह आधुनिक टर्बो पेट्रोल इंजन, प्रीमियम कारों और हाई-परफॉर्मेंस स्कूटरों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
3. सुपर प्रीमियम पेट्रोल (100 ऑक्टेन – 0% इथेनॉल)
इंडियन ऑयल का XP100 इस श्रेणी का प्रमुख ईंधन है।
इस पेट्रोल में इथेनॉल नहीं मिलाया जाता और इसकी ऑक्टेन रेटिंग 100 होती है। इसे खासतौर पर सुपरकार, स्पोर्ट्स बाइक और हाई-परफॉर्मेंस इंजनों के लिए तैयार किया गया है।
इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी अधिक होती है। दिल्ली में इसकी कीमत लगभग 170 रुपये प्रति लीटर है।
4. E85 पेट्रोल (फ्लेक्स-फ्यूल)
E85 पेट्रोल में लगभग 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है।
यह केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (Flex Fuel Vehicles) में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे वाहन विशेष रूप से इस ईंधन के लिए डिजाइन किए जाते हैं।
टोयोटा, मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां इस तकनीक पर आधारित वाहन विकसित कर रही हैं।
दिल्ली में इसकी कीमत करीब 82.12 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है।
5. E100 (100% इथेनॉल)
E100 पूरी तरह इथेनॉल आधारित ईंधन है, जिसमें पेट्रोल का मिश्रण नहीं होता।
यह ऊस, मक्का और कृषि अवशेषों से तैयार किया जाता है। फिलहाल इसका उपयोग सीमित स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट्स और विशेष फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में किया जा रहा है।
सरकार भविष्य में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि इसकी खुदरा कीमत अभी व्यापक स्तर पर तय नहीं की गई है।
आपके वाहन के लिए कौन-सा पेट्रोल सही?
- सामान्य बाइक और कार – E20 (91 ऑक्टेन) पर्याप्त है।
- टर्बो इंजन और प्रीमियम कारें – XP95 या 95 ऑक्टेन पेट्रोल बेहतर रहेगा।
- स्पोर्ट्स कार और हाई-परफॉर्मेंस बाइक – XP100 (100 ऑक्टेन) उपयुक्त है।
- फ्लेक्स-फ्यूल वाहन – E85 या E100 का उपयोग किया जा सकता है।
- सामान्य वाहन में E85 या E100 का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे इंजन को नुकसान पहुंच सकता है।
सरकार क्यों बढ़ा रही है इथेनॉल मिश्रण?
सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और कार्बन उत्सर्जन घटाना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से कृषि आधारित फसलों से किया जाता है।
इसी वजह से आने वाले वर्षों में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और इथेनॉल आधारित ईंधनों का उपयोग तेजी से बढ़ने की संभावना है।








