महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों का तीखा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर की जाने वाली आलोचना या गालियों से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर कोई महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान फडणवीस ने कहा, “फडणवीस को गालियां दीजिए, मुझे इसकी आदत है। मैं गालियां प्रूफ हूं, लेकिन महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश की गई तो मैं इसे बिल्कुल नहीं छोड़ूंगा।”
मिसिंग लिंक परियोजना पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिसिंग लिंक परियोजना का प्रस्ताव पहले की महाविकास आघाड़ी सरकार के समय तैयार हुआ था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दो पन्नों की टिप्पणी लिखकर 14 कारण बताते हुए इस परियोजना की फाइल बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चुनौती स्वीकार करते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाया और इसे पूरा करके दिखाया।
कोकण रेलवे का दिया उदाहरण
फडणवीस ने अपने भाषण में कोकण रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा कि जब यह परियोजना शुरू हुई थी, तब भी भूस्खलन को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई गई थीं। इसके बावजूद तत्कालीन रेल मंत्री मधु दंडवते ने साहसिक निर्णय लेते हुए परियोजना पूरी की। उन्होंने कहा कि हर चुनौती से सीख लेकर समाधान निकाला गया और आज कोकण रेलवे देश की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने मिसिंग लिंक परियोजना के तहत दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग और भारत का सबसे बड़ा केबल-स्टेड ब्रिज तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
राज्य की छवि खराब न करने की अपील
अपने संबोधन के अंत में फडणवीस ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा और विकास कार्यों को लेकर गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विधानसभा में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया तथा मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।








