मराठी फिल्म ‘सैराट’ में ‘सल्या’ का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए अभिनेता अरबाज शेख के एक वायरल वीडियो के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सोलापुर के नोबल हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिलने के बाद अस्पताल के मेडिकल स्टोर को सील करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अरबाज शेख ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में आरोप लगाया था कि उनके पिता के इलाज के दौरान अस्पताल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के मेडिकल से खरीदी गई दवाइयों का बिल करीब 40 हजार रुपये बना, जबकि वही दवाइयां बाहर से लगभग 20 हजार रुपये में मिल सकती थीं।
वीडियो वायरल होने के बाद FDA की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। FDA के सहायक आयुक्त अरुण गोडसे ने बताया कि जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। प्रिस्क्रिप्शन में आवश्यक जानकारी नहीं थी और अस्पताल परिसर में यह सूचना भी प्रदर्शित नहीं की गई थी कि मरीज या उनके परिजन अस्पताल के अलावा किसी अन्य मेडिकल स्टोर से भी दवाइयां खरीद सकते हैं। इसे विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना गया।
FDA ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर में दवाइयों की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
वहीं, नोबल हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. अमजद सैयद ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल कभी भी मरीजों को अपने मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि मरीज के इलाज का अनुमानित खर्च पहले ही परिजनों को बता दिया गया था और संबंधित मरीज को दो दिन पहले ही डिस्चार्ज किया जा चुका था।
इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में दवाइयों की खरीद को लेकर पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। FDA ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी अस्पताल में इस तरह की अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








