विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संतुलित जनसंख्या, स्वस्थ परिवार और जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान और विकसित भारत के निर्माण के लिए जनसंख्या संतुलन, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और संसाधनों का समुचित उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि “संतुलित जनसंख्या ही सशक्त समाज, समृद्ध राष्ट्र और सतत विकास का आधार है। जनसंख्या संतुलन से ही संसाधनों का सही उपयोग संभव हो पाता है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।”
छोटा परिवार, स्वस्थ समाज का दिया संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक परिवार को बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से छोटे और स्वस्थ परिवार की अवधारणा को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि “छोटा परिवार, सुखी परिवार” केवल एक नारा नहीं, बल्कि समृद्ध समाज की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि जब परिवार स्वस्थ और शिक्षित होगा, तभी समाज मजबूत बनेगा और राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
संसाधनों के संतुलित उपयोग पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उनके संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के बीच जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रभावी प्रबंधन तभी संभव है, जब समाज जनसंख्या संतुलन के प्रति जागरूक बने।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना है और इसके लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
विकसित राजस्थान के निर्माण का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक जिम्मेदार और जागरूक भूमिका निभाएं तथा परिवार नियोजन, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाकर विकसित राजस्थान के निर्माण में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि “आइए, हम सब जागरूक नागरिक बनकर विकसित राजस्थान और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।”
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश समाज में जनसंख्या संतुलन, स्वास्थ्य जागरूकता और सतत विकास के प्रति लोगों को प्रेरित करने वाला माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही एक स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर राजस्थान का निर्माण संभव है।








