तेलुगु सुपरस्टार जूनियर एनटीआर के 18 जुलाई को तिरुपति में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर आखिरकार उनकी टीम ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। टीम ने साफ किया है कि यह कार्यक्रम किसी भी तरह का राजनीतिक मंच नहीं है, बल्कि #OoruVaada नामक एक सामाजिक पहल का हिस्सा है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि जूनियर एनटीआर इस कार्यक्रम के दौरान राजनीति में प्रवेश का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, उनकी टीम ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
सिर्फ सामाजिक पहल, राजनीति से कोई संबंध नहीं
जूनियर एनटीआर की टीम और उनके फैन संगठनों के अनुसार, 18 जुलाई का कार्यक्रम काफी पहले से तय था और इसका किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक घोषणा से कोई संबंध नहीं है। टीम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की है।
क्यों तेज हुई थीं अटकलें?
हाल ही में अभिनेता विजय के राजनीति में सक्रिय होने के बाद जूनियर एनटीआर को लेकर भी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। उनकी लोकप्रियता और मजबूत जनाधार को देखते हुए कई राजनीतिक विश्लेषक लंबे समय से उनके संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा करते रहे हैं।
राजनीतिक विरासत से जुड़ा है परिवार
जूनियर एनटीआर का संबंध आंध्र प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक से है। वह तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामाराव (एनटीआर) के पोते हैं।
उनके पिता नंदमुरी हरिकृष्ण भी टीडीपी से जुड़े रहे और राज्यसभा सदस्य रहे थे, जबकि उनके चाचा नंदमुरी बालकृष्ण वर्तमान में टीडीपी के विधायक हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी पारिवारिक रिश्ते से जूनियर एनटीआर के रिश्तेदार हैं।
2009 में किया था चुनाव प्रचार
जूनियर एनटीआर ने वर्ष 2009 में आंध्र प्रदेश विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान टीडीपी के लिए चुनाव प्रचार किया था। उनके जोशीले भाषणों और लोकप्रियता ने उस समय उन्हें राजनीति का संभावित बड़ा चेहरा माना था।
हालांकि, इसके बाद उन्होंने पूरी तरह फिल्मों पर ध्यान केंद्रित किया और सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी।
फिलहाल फिल्मों पर है पूरा फोकस
जूनियर एनटीआर की टीम ने स्पष्ट किया है कि अभिनेता फिलहाल अपनी आगामी फिल्मों पर ध्यान दे रहे हैं। वह निर्देशक प्रशांत नील और त्रिविक्रम श्रीनिवास के साथ अपने नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं।
फिलहाल, 18 जुलाई का तिरुपति कार्यक्रम एक सामाजिक अभियान के रूप में आयोजित किया जा रहा है, और राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।







