राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रदेश के पूर्व सैनिकों, वीर सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले सैनिकों का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके और उनके परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार की प्रत्येक योजना पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से जुड़े किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पूर्व सैनिकों को सरकारी योजनाओं, पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं, पुनर्वास योजनाओं तथा अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का पूरा लाभ समय पर मिले।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी पात्र पूर्व सैनिक या उनके आश्रित को किसी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन पर विशेष बल देते हुए कहा कि सैनिकों से जुड़े मामलों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शहीदों के सम्मान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित शहीद स्मारकों के लिए एक समान एवं व्यवस्थित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ देश के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचना चाहिए। इसके लिए सेना की वीरगाथाओं, शौर्यपूर्ण अभियानों तथा देश के लिए दिए गए बलिदानों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रभावी पहल की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सैनिक कल्याण विभाग आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करते हुए सेवाओं को सरल और सुगम बनाए। डिजिटल माध्यमों से आवेदन प्रक्रिया, शिकायत निवारण और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएँ बनाना नहीं बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि किसी भी पात्र लाभार्थी को जानकारी के अभाव या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण लाभ से वंचित न रहना पड़े।
बैठक में पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, रोजगार, कौशल विकास तथा उनके आश्रितों के लिए उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इन योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी इनका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों का योगदान केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना के प्रेरणास्रोत होते हैं। ऐसे वीरों और उनके परिवारों के सम्मान में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएँ और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सभी योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए ताकि लाभार्थियों तक सुविधाएँ समय पर पहुँच सकें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है और यहाँ के सैनिकों का गौरवशाली इतिहास पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में उनका सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
बैठक का उद्देश्य सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना तथा शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को नई दिशा देना रहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक सैनिक और उनके परिवार तक सरकार की सभी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करेंगे।








