राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रदेश पुलिस मुख्यालय पहुँचकर साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ साइबर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की तथा राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने R4C (राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर) का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों, निगरानी प्रणाली तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया तथा शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके त्वरित निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि साइबर ठगी एवं ऑनलाइन अपराधों के पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौतियाँ भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में अत्याधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता, तकनीकी सुदृढ़ता और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन, आधुनिक तकनीक और आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करना है, जिससे नागरिक डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और विश्वास के साथ उपयोग कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों के आर्थिक हितों, व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल विश्वास की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि साइबर अपराधों की बदलती प्रवृत्तियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा नई तकनीकों का उपयोग कर अपराधियों तक शीघ्र पहुँच बनाई जाए। साथ ही विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था और प्रभावी प्रशासनिक कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और भयमुक्त डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।








