कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपना अनशन समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी का प्रतिनिधिमंडल अपनी प्रमुख मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात करने पहुंचा है।
दिल्ली में आयोजित CJP के संसद मार्च में देशभर से हजारों युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
संसद मार्च के कारण राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया। प्रदर्शन की गूंज संसद तक पहुंची और स्थिति को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इसी बीच आंदोलन से जुड़ी सबसे बड़ी खबर यह रही कि अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपना अनशन समाप्त कर दिया। उनके इस निर्णय के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है और अब वार्ता के जरिए समाधान की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कॉक्रोच जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य सरकार के समक्ष आंदोलन की मांगों को विस्तार से रखना और सकारात्मक समाधान निकालना है।
प्रदर्शनकारी पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इन विषयों पर जल्द निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
अभिजीत दीपके द्वारा अनशन समाप्त करने और प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद अब सभी की निगाहें सरकार और CJP के बीच होने वाली बातचीत के परिणाम पर टिकी हैं। यदि वार्ता सकारात्मक रहती है तो आंदोलन की आगे की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
देशभर के युवाओं और राजनीतिक हलकों की नजर इस बैठक पर बनी हुई है। आने वाले समय में सरकार की प्रतिक्रिया और प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा के आधार पर आंदोलन की अगली दिशा तय होने की संभावना है।








