नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय तक आंदोलन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए पेपर लीक विरोधी विधेयक का स्वागत किया है। उन्होंने इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
दिल्ली में आंदोलन समाप्त करने के बाद लद्दाख रवाना होते समय वांगचुक ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया कदम सराहनीय है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार पर्याप्त नहीं है, बल्कि देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था में भी व्यापक और दीर्घकालिक सुधार किए जाने चाहिए।
सोनम वांगचुक ने सरकार से यह भी अपील की कि आंदोलन के दौरान हुई बातचीत और दिए गए आश्वासनों के अनुसार आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को विशेष रूप से युवाओं के बीच विश्वास का वातावरण बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में सोनम वांगचुक प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उपोषण के दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला था। बाद में सरकार से हुई बातचीत और कुछ आश्वासनों के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया था।
सोनम वांगचुक के इस बयान को शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया माना जा रहा है।








