बिहार में चुनावी सफलता के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुंबई पहुंचकर एनसीपी (अजित पवार गुट) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में नए राजनीतिक समीकरणों और संभावित रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सांसद पार्थ पवार भी मौजूद रहे।
क्या है मुलाकात का राजनीतिक महत्व?
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए गठबंधन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
हालांकि, एनसीपी नेताओं का कहना है कि यह एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात थी और इसे किसी राजनीतिक गठबंधन या समझौते से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
बिहार जीत के बाद पहली महाराष्ट्र यात्रा
बिहार के बांकीपुर से चुनाव जीतने के बाद यह प्रशांत किशोर की पहली महाराष्ट्र यात्रा है। बताया जा रहा है कि वे मुंबई स्थित देवगिरी बंगले पर सुनेत्रा पवार से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने चुनावी जीत के बाद शुभकामनाएं स्वीकार कीं। इस दौरान उनकी पार्थ पवार से भी चर्चा हुई।
दो महीने पहले भी हुई थी मुलाकात
यह पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की मुलाकात हुई हो। करीब दो महीने पहले भी दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई थी, जिसमें सांसद पार्थ पवार भी मौजूद थे।
उस समय पार्थ पवार ने कहा था कि प्रशांत किशोर को राजनीति के साथ-साथ समाज की भी गहरी समझ है। उन्होंने बताया था कि बैठक में राज्य, देश और संगठन से जुड़े कई विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अजित पवार और प्रशांत किशोर के पुराने संबंध रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते, चुनावी रणनीति या गठबंधन की पुष्टि नहीं की गई है। बावजूद इसके, इस मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं को नई गति दे दी है।








