झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच के लिए ED ने CID में दर्ज FIR संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज की है।
एक ओर जहां छात्र मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर CID और अब ED भी मामले की जांच में जुट गई हैं। इस बीच रांची में छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है।
17वें दिन भी जारी छात्रों का प्रदर्शन
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो करीब एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
स्रोत के अनुसार, कुल छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों का एक संगठन 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराना शामिल है।
JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा भी जांच के दायरे में
ED ने CID द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ECIR दर्ज की है। इस जांच के दायरे में JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित धांधली का मामला शामिल है।
छात्र लगातार इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच की मांग कर रहे हैं।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
विरोध-प्रदर्शनों और जांच के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
लोक भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।
स्रोत के अनुसार, इन तीनों सदस्यों को CID ने पेपर लीक समेत अन्य कथित अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके बाद तीनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
तीनों सदस्यों से पूछताछ की तैयारी
जांच के सिलसिले में तीनों सदस्यों से अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ की जानी है।
स्रोत के अनुसार, JMM नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से सोमवार को पूछताछ होनी है। जमाल अहमद से 12 अगस्त और अनिमा हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी।
इन तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी।
JPSC अध्यक्ष पहले ही दे चुके इस्तीफा
JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते इससे पहले 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
स्रोत के मुताबिक, JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एल. खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार लंबी पूछताछ की जा चुकी है।
CBI जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
छात्रों की सबसे प्रमुख मांग मामले की जांच CBI से कराने की है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत हुई, लेकिन इसमें कोई समाधान नहीं निकल सका।
अधिकारियों ने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। हालांकि CBI जांच की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्र नेता रवींद्र पासवान के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, जिनमें 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है।
हालांकि, उनका कहना है कि जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक छात्र कोई समझौता नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र 10 अगस्त को तय कार्यक्रम के अनुसार झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
सरकार ने CBI जांच से किया इनकार
छात्रों से बातचीत करने वाले झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 फीसदी मांगें मान ली हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा की CBI जांच की मांग को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। उनके अनुसार, संबंधित परीक्षा हाई कोर्ट और शीर्ष अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी।
इसी मुद्दे को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
ED की एंट्री से जांच का दायरा बढ़ा
CID की FIR के आधार पर ED द्वारा ECIR दर्ज किए जाने के बाद भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला और गंभीर हो गया है।
अब CID के साथ ED भी मामले की जांच कर रही है, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और छात्रों के जारी आंदोलन ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
7. संक्षिप्त निष्कर्ष
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब ED ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने CID की FIR संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज की है। इसी बीच JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है और छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच छह दौर की बातचीत के बावजूद CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी है। छात्र अपनी मांगों को लेकर 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करने की योजना पर कायम हैं।








