नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के भीतर BJP के साथ गठबंधन और NDA से नजदीकी को लेकर दरार सामने आती दिख रही है। पार्टी में शामिल हुए तीन मुस्लिम सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान BJP के साथ बढ़ती नजदीकी को लेकर असहज बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, तीनों सांसदों ने हाल की NDA बैठकों से दूरी बनाई है।
NCPI में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही सप्ताह पहले तृणमूल कांग्रेस के कई बागी सांसदों ने पार्टी छोड़कर NCPI का दामन थामा था। अब पार्टी के भीतर ही BJP के साथ राजनीतिक संबंधों को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं।
BJP से नजदीकी को लेकर तीन सांसदों में नाराजगी
सूत्रों के अनुसार, अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान NCPI के BJP के साथ करीबी संबंधों से खुश नहीं हैं। उन्हें आशंका है कि BJP के साथ ज्यादा नजदीकी का असर उनके पारंपरिक मतदाता आधार पर पड़ सकता है।
इसी वजह से तीनों सांसदों ने NDA की कुछ बैठकों से दूरी बनाई है।
अबू ताहेर खान ने शनिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि वे BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता अपने क्षेत्र के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दे हैं।
मुर्शिदाबाद में SIR को लेकर उठाया मुद्दा
शनिवार को अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मुर्शिदाबाद में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान लोगों को कथित तौर पर परेशान किए जाने का मुद्दा उठाया।
अबू ताहेर खान ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर पिछड़े वर्ग के लोगों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने इस दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
तृणमूल ने बागी सांसदों पर साधा निशाना
NCPI में बढ़ती खींचतान के बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये सांसद लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इन नेताओं ने NCPI के साथ जाने को लेकर स्पीकर के पास पत्र दिया था और पार्टी के नेताओं ने पहले ही NCPI को NDA का सहयोगी बताया है।
कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या है और इन सांसदों ने अपने पारंपरिक मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया है।
कुणाल घोष ने बताया BJP की ‘B-Team’
तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने भी अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान पर कटाक्ष किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता भ्रमित हैं और BJP की ‘B-Team’ की तरह काम कर रहे हैं। कुणाल घोष के अनुसार, इन सांसदों ने TMC उम्मीदवार के तौर पर BJP विरोधी वोटों के सहारे चुनाव जीता था, लेकिन अब अपने राजनीतिक समीकरण बनाए रखने के लिए BJP नेताओं के संपर्क में हैं।
NCPI ने मतभेद को बताया मामूली
दूसरी ओर, NCPI गुट का नेतृत्व कर रहीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के भीतर किसी बड़े विवाद की बात को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी बैठक हुई थी। बैठक करीब दो घंटे चली और इसमें पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर कई सुझाव मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि अबू ताहेर खान उस बैठक में मौजूद थे और उन्हें उनके हालिया बयान की जानकारी नहीं है।
तीनों सांसदों ने अमित शाह से भी की मुलाकात
BJP के साथ गठबंधन को लेकर असहमति जताने के बावजूद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने बीरभूम के सांसद सताब्दी रॉय और असीत माल के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
तीनों सांसद शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आयोजित नाश्ते की बैठक में भी शामिल हुए थे।
इससे राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर तीनों सांसद BJP और NDA से दूरी की बात कहने के बावजूद केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार बैठकें क्यों कर रहे हैं।
NDA की बैठक में तीन सांसद नहीं पहुंचे
पिछले सप्ताह NCPI सांसदों की NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में भागीदारी के दौरान भी यही स्थिति देखने को मिली थी।
बैठक में NCPI सांसदों की संख्या 17 रही, क्योंकि अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बैठक में शामिल नहीं हुए।
इससे पार्टी के भीतर BJP के साथ राजनीतिक संबंधों को लेकर मतभेद की चर्चा और तेज हो गई।
सांसदों का क्या कहना है?
तीनों सांसदों ने यह स्पष्ट किया है कि वे BJP की राजनीति से खुद को जोड़कर नहीं देखते। हालांकि, उनका कहना है कि अपने लोकसभा क्षेत्रों के लोगों के हित में वे केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
यानी एक तरफ वे BJP के राजनीतिक एजेंडे से दूरी की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ काम करने की बात कह रहे हैं।
क्या TMC में वापसी की कोशिश कर रहे हैं बागी सांसद?
NCPI में चल रहे विवाद के बीच TMC के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने दावा किया है कि कुछ बागी सांसद उनके संपर्क में हैं और वे ममता बनर्जी के गुट में वापस लौटना चाहते हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अगर ऐसा होता है तो यह NCPI के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है, क्योंकि पार्टी में शामिल हुए TMC के बागी सांसद ही उसके मौजूदा राजनीतिक विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
NCPI के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण
NCPI में BJP के साथ गठबंधन को लेकर तीन सांसदों की अलग राय ने पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
एक ओर पार्टी के कुछ नेता NDA के साथ करीबी संबंधों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तीन सांसद अपने पारंपरिक मतदाता आधार को ध्यान में रखते हुए BJP से दूरी बनाए रखने की बात कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि NCPI इस आंतरिक मतभेद को कैसे संभालती है और क्या तीनों सांसद NDA के साथ अपनी दूरी कायम रखते हैं या पार्टी के आधिकारिक रुख के साथ खड़े होते हैं।
NCPI में BJP और NDA के साथ संबंधों को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान BJP के साथ करीबी को लेकर असहज बताए जा रहे हैं और NDA की बैठकों से दूरी बना रहे हैं। हालांकि, तीनों सांसद केंद्र और राज्य सरकार के साथ अपने क्षेत्रों के विकास के लिए सहयोग करने की बात कह रहे हैं। वहीं, TMC नेताओं ने उन पर राजनीतिक रूप से भ्रमित करने और BJP के साथ नजदीकी बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में NCPI के भीतर यह विवाद आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।








