अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर की गई टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘लोमड़ी’ कहा और उनके ‘मुंह में हड्डी वाले कुत्ते’ वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कंगना की यह टिप्पणी अभिनेता-गायक पियूष मिश्रा द्वारा नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए जाने के बाद सामने आई। पियूष मिश्रा पिछले सप्ताह झारखंड के रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे थे।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर कंगना का पलटवार
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर पियूष मिश्रा की टिप्पणी से जुड़ी एक रिपोर्ट साझा की। इसके साथ उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि हर व्यक्ति किसी न किसी का ‘कुत्ता’ होता है, लेकिन उन्हें उस देश के प्रति वफादार होने पर गर्व है जिसकी रोटी वह खाती हैं।
कंगना ने अपने पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह पर आरोप लगाया कि वह भारत में रहते हुए पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इंसान के लिए ‘कुत्ता’ कहलाना भी एक तरह की तारीफ है, क्योंकि वफादारी और मासूमियत दुर्लभ होती है।
इसके बाद कंगना ने कहा कि वह नसीरुद्दीन शाह जैसे ‘लोमड़ी’ बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी।
नसीरुद्दीन शाह ने ‘मुंह में हड्डी’ वाले कुत्तों का दिया था उदाहरण
दरअसल, नसीरुद्दीन शाह ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों की चुप्पी पर सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा था कि जब उनकी अंतरात्मा उन्हें ऐसा करने के लिए कहेगी, तब वे बोलेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वह भौंक नहीं सकता।
शाह के मुताबिक, जब वह हड्डी उसके मुंह से गिर जाएगी या उसके दांत टूट जाएंगे, तब वह भौंकना शुरू करेगा।
उनकी इसी टिप्पणी पर झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच मौजूद पियूष मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया दी।
पियूष मिश्रा ने पूछा- अभी कौन से ‘कुत्ते’ चुप हैं?
पियूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह बेहद सम्मान के साथ उनसे पूछना चाहते हैं कि फिलहाल वे ‘हड्डी मुंह में दबाए बैठे कुत्ते’ कौन हैं, जो इस समय चुप हैं।
मिश्रा ने कहा कि नसीर साहब ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के प्रदर्शन के दौरान नहीं बोलने की बात कही थी और इसी वजह से उनके मन में यह सवाल उठ रहा है कि अभी कौन लोग चुप हैं।
झारखंड के छात्र प्रदर्शनों को लेकर विवाद
यह पूरा विवाद झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र प्रदर्शनों से जुड़ा है।
प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जांच CBI या सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीशों की समिति के जरिए कराई जाए।
प्रदर्शन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और कई अभ्यर्थियों ने आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल भी की है।
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत जारी
प्रदर्शनकारी छात्रों और झारखंड सरकार के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।
सरकार की ओर से छात्रों की चिंताओं की जांच का आश्वासन दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बातचीत और पारदर्शिता पर जोर दिया है।
इस बीच प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
कंगना पहले भी उठा चुकी हैं विरोध प्रदर्शन पर सवाल
कंगना रनौत इससे पहले भी इन छात्र प्रदर्शनों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देती रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो पर सवाल उठाया था, जिनमें प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का दावा किया गया था।
नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी के बाद विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है और अब कंगना रनौत तथा पियूष मिश्रा की प्रतिक्रियाओं ने इसे और चर्चा में ला दिया है।
बयानबाजी से बढ़ा विवाद
नसीरुद्दीन शाह की ‘हड्डी मुंह में दबाए कुत्ते’ वाली टिप्पणी के बाद पियूष मिश्रा ने उनसे सवाल किया, जबकि कंगना रनौत ने शाह पर और तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘लोमड़ी’ कह दिया।
फिलहाल यह विवाद झारखंड छात्र आंदोलन, फिल्म इंडस्ट्री की कथित चुप्पी और सार्वजनिक हस्तियों की राजनीतिक टिप्पणियों के इर्द-गिर्द केंद्रित है। दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच छात्र प्रदर्शन और उनकी मांगों पर भी लगातार नजर बनी हुई है।
कंगना रनौत ने झारखंड छात्र प्रदर्शनों को लेकर नसीरुद्दीन शाह की ‘मुंह में हड्डी वाले कुत्ते’ वाली टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। कंगना ने इंस्टाग्राम पोस्ट में शाह को ‘लोमड़ी’ बताते हुए कहा कि वह उनके जैसा बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। इससे पहले पियूष मिश्रा ने भी शाह की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि फिलहाल कौन से ‘कुत्ते’ चुप हैं। पूरा विवाद झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन और फिल्म इंडस्ट्री की कथित चुप्पी को लेकर है।








