भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बीजेपी के सभी पदों के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की है। पूनावाला ने अपने फैसले के पीछे “जरूरी आर्थिक और निजी परिस्थितियों” का हवाला दिया है।
शहजाद पूनावाला ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा भेजकर इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इससे पहले 30 जुलाई को भी इस्तीफा भेजा था, लेकिन पार्टी ने उसे स्वीकार नहीं किया और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।
लंबे विचार के बाद लिया अंतिम फैसला
शहजाद पूनावाला ने कहा कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से अलग होने का अंतिम फैसला लिया है।
उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बीएल संतोष के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
आर्थिक और निजी परिस्थितियों का दिया हवाला
पूनावाला ने कहा कि जरूरी आर्थिक और निजी परिस्थितियों के कारण वह अब निजी क्षेत्र में जाने का निर्णय ले रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी संगठन छोड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विचार एवं कार्यों का जहां तक संभव होगा, समर्थन करते रहेंगे।
उनके बयान का सार यह है कि वह संगठन से अलग हो रहे हैं, लेकिन पार्टी के नेताओं और विचारधारा से नहीं।
30 जुलाई को भी भेजा था इस्तीफा
शहजाद पूनावाला के मुताबिक उन्होंने 30 जुलाई को पहली बार इस्तीफा भेजा था। हालांकि बीजेपी ने उस समय उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उनसे अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने को कहा।
पूनावाला ने कहा कि पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे को तत्काल स्वीकार न करना उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण था और उन्होंने इसके लिए पार्टी के प्रति आभार जताया।
पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का भी जिक्र
पूनावाला ने अपने पत्र में पिछले कुछ दिनों की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों से जुड़ी घटनाओं के कारण उन्हें अपने पहले के फैसले पर कायम रहने का निर्णय लेना पड़ा।
हालांकि उन्होंने इन व्यक्तियों के नाम या घटनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
जुलाई में बदला था सोशल मीडिया बायो
जुलाई के अंत में शहजाद पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के बायो में बदलाव किया था। उन्होंने वहां से “BJP National Spokesperson” का उल्लेख हटा दिया था।
हालांकि उन्होंने अपने बायो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन और उन्हें अपना आजीवन अनुयायी बताते हुए उल्लेख बरकरार रखा था।
शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर
शहजाद पूनावाला पेशे से वकील हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी।
साल 2017 में वह उस समय चर्चा में आए, जब उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के पक्ष में प्रक्रिया पहले से तय थी।
इसके बाद शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा। बीजेपी में वह पार्टी के प्रमुख टीवी प्रवक्ताओं में शामिल हुए और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे।
अब निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी
बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला ने संकेत दिया है कि वह अब निजी क्षेत्र में जाएंगे। उन्होंने साथ ही कहा है कि संगठन से अलग होने के बावजूद जहां भी संभव होगा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विजन एवं कार्यों का समर्थन जारी रखेंगे।
शहजाद पूनावाला का बीजेपी से इस्तीफा पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। बीजेपी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल रहे पूनावाला ने आर्थिक और निजी परिस्थितियों को इस्तीफे की मुख्य वजह बताया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि संगठन छोड़ने का उनका फैसला पार्टी के नेताओं या विचारधारा के प्रति उनके सम्मान को प्रभावित नहीं करता।








