• Create News
  • Nominate Now

    नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका: असम की एक शिक्षिका, लेखिका और सामाजिक नेता जिन्होंने बदली हजारों जिंदगियां।

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    डिजिटल शिक्षा से लेकर साहित्यिक रचनाओं और महिला सशक्तिकरण तक, नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका असम के ग्रामीण समाज में बदलाव की प्रतीक बनीं।

    नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका, डायरेक्टर ऑफ़ स्मार्ट लर्निंग कंप्यूटर सेंटर, असम

    Success Story: जब दुनिया अक्सर जमीनी स्तर पर होने वाले सकारात्मक बदलावों को नजरअंदाज कर देती है, ऐसे समय में असम के गोलाघाट जिले की नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका (Netrajyoti Gogoi Hazarika) शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में असली प्रेरणा बनकर उभरती हैं।

    नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका न केवल एक प्रतिष्ठित शिक्षिका और लेखिका हैं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं की सशक्तिकरण की मजबूत आवाज भी हैं। उनकी कहानी संघर्ष, सेवा और नेतृत्व की मिसाल है।

    गांव से लेकर शिक्षा केंद्र तक का सफर
    फरवरी 1991 में गोलाघाट जिले के बहुपथार गांव में जन्मी नेत्रज्योति का बचपन साधारण परिवेश में बीता। उन्होंने नामोनी बहुनपाथर हायर सेकेंडरी स्कूल और कमल दुवोरा कॉलेज, देरगावं से शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में समाज सेवा और साहित्य के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई।

    डिजिटल शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्होंने डेरगांव के नारिकलगूरी अनुराग मार्केट में स्मार्ट लर्निंग (Smart Learning) नामक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की। इस केंद्र के माध्यम से उन्होंने सैकड़ों छात्रों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध करवाई और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए। आज उनके साथ दो प्रशिक्षक काम कर रहे हैं।

    साहित्य के माध्यम से संवेदनाओं को दी अभिव्यक्ति
    नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका असमिया भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री भी हैं। उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत स्थानीय पत्रिकाओं और स्मारिकाओं में कविताएं लिखकर की। महामारी के दौरान उन्होंने अपनी पहली कविता संग्रह ‘अनुभवर डोलिशा’ प्रकाशित की, जिसने पाठकों का दिल जीत लिया।

    इसके बाद उन्होंने कई अन्य कविता संग्रह और एक लघुकथा पुस्तक प्रकाशित की:
    १. भालपुवा माने की
    २. बोरोनिया
    ३. रामधेनु
    ४. आबेगरे नुजुखिबि पिताई
    ५. जीवन प्रवाहमान नदी
    ६. खीपा

    वह ‘एनाजोरी‘ नामक वार्षिक पत्रिका का संपादन भी करती हैं, जिसमें स्मार्ट लर्निंग के छात्रों की रचनाएं प्रकाशित होती हैं।

    महिला कल्याण और सामाजिक कार्य में अग्रणी
    सिर्फ शिक्षा और साहित्य ही नहीं, नेत्रज्योति सामाजिक सेवा में भी अग्रणी हैं। वे डेरगांव इकाई की ‘वॉरियर्स’ नामक महिला जागरूकता संस्था की अध्यक्ष हैं और साहित्य सम्मिलनी डेरगांव की सचिव भी हैं।

    उन्होंने अपनी निजी पुस्तकालय दान कर दी ताकि ग्रामीण छात्र लाभान्वित हो सकें। इसके अलावा, वह गरीबों के लिए वस्त्र बैंक भी चलाती हैं।

    राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व्यक्तित्व
    उनके सामाजिक और शैक्षणिक योगदान के लिए उन्हें कई राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें शामिल हैं:
    १. रामधेनु विशेष सम्मान (2022)
    २. युवा उद्यमी महिला पुरस्कार (2025)
    ३. एशिया के 100 प्रभावशाली महिला लेखक (2022, AIWA)
    ४. Indian Icon Awards – Young Women Entrepreneur
    ५. NBCE बेस्ट फीमेल सेंटर डायरेक्टर (2024)
    ६. NBCE डायमंड, सिल्वर, रत्ना अवॉर्ड्स
    ७. रियल सुपर वुमन अवॉर्ड
    ८. बेस्ट ऑफ असम – टॉप 10 (6वां स्थान, 2024)
    ९. NBCE नेक्स्ट जेन अवॉर्ड (2025)

    उनका स्मार्ट लर्निंग सेंटर दिल्ली, कोलकाता, राजस्थान सहित कई राज्यों में सराहना का विषय बना है।

    आधुनिक भारत की प्रेरक महिला नेता
    नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका की यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। उन्होंने शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सेवा के माध्यम से सैकड़ों लोगों के जीवन को छुआ है। उनकी प्रेरणा असम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है।

    सलाम नेत्रज्योति गोगोई हाजरिका को!
    बहुपथार गांव से लेकर राष्ट्रीय मंच तक का उनका सफर असम के हर युवा, हर महिला और हर शिक्षक के लिए प्रेरणादायक है। उनके स्मार्ट लर्निंग सेंटर, साहित्यिक योगदान और सामाजिक कार्य उन्हें असम का चमकता सितारा बनाते हैं।

    ऐसी ही देश और दुनिया की बड़ी खबरों के लिए फॉलो करें: www.samacharwani.com

    न्यूज़ शेयर करने के लिए क्लिक करें .
  • Advertisement Space

    Related Posts

    चीन के SCO समिट में तकनीक का कमाल: रोबोट्स संभालेंगे मेहमाननवाजी

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।      चीन के टियांजिन शहर में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित होने वाला शंघाई सहयोग संगठन (SCO)…

    Continue reading
    दिल्ली सरकार की पर्यटन और धरोहर फेलोशिप 2025: 50,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड, जानें आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।      दिल्ली सरकार ने पर्यटन और धरोहर फेलोशिप 2025 की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी की सांस्कृतिक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *