




रेल मंत्रालय ने भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए उठाए कई बड़े कदम — वन टाइम रजिस्ट्रेशन, फेस रिकग्निशन, ई-केवाईसी और परीक्षा कैलेंडर जैसी सुविधाएं लागू।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देशभर के करोड़ों नौकरी चाहने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन, फेस रिकग्निशन, ई-केवाईसी, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और मोबाइल जैमर जैसे तकनीकी सुधार लागू किए गए हैं।
इसका उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाना, धोखाधड़ी पर रोक लगाना और योग्य उम्मीदवारों को तेज़ी से नौकरी देना है।
अब बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं
रेलवे ने “वन टाइम रजिस्ट्रेशन” (OTR) सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत उम्मीदवार को केवल एक बार रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद वे आगामी सभी भर्तियों के लिए उसी प्रोफाइल से आवेदन कर सकेंगे।
यह कदम खासकर उन युवाओं के लिए राहत है, जो हर भर्ती के लिए नए आवेदन फॉर्म भरने की परेशानी से जूझते थे।
फुलप्रूफ सुरक्षा: आधार + फेस रिकग्निशन
१. परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अब रेलवे e-KYC और रियल-टाइम फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल करेगा।
२. उम्मीदवार का आधार कार्ड वेरिफिकेशन
३. चेहरे की पहचान (फेस मिलान) परीक्षा केंद्र पर
४. धोखाधड़ी और डमी कैंडिडेट की कोई गुंजाइश नहीं
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर से प्लानिंग आसान
१. रेल मंत्रालय ने तय किया है कि अब से सभी ग्रुप C पदों (ALP, NTPC, टेक्नीशियन, RPF, लेवल-1 आदि) के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा।
२. अब उम्मीदवारों को पहले से पता होगा:
३. कौन-सी भर्ती कब निकलेगी
४. आवेदन कब शुरू होंगे
५. परीक्षा की तारीख क्या होगी
1.5 करोड़ से ज्यादा आवेदन, फिर भी प्रोसेस तेज़
१. 2024 में रेलवे ने 1,08,000 से अधिक पदों के लिए भर्तियां निकालीं, जिन पर 1.5 करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।
२. इसके बावजूद रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया का औसत समय घटाकर 8 महीने कर दिया है, जिसे आगे और भी तेज किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र अब घर के पास
१. रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अब सभी परीक्षाएं उम्मीदवार के घर से अधिकतम 500 किलोमीटर की दूरी पर ही आयोजित की जाएंगी।
२. न्यूनतम दूरी: 250 किमी के भीतर
३. अधिकतम दूरी: 500 किमी
४. सभी केंद्रों पर 100% मोबाइल जैमर
५. जून 2025 की परीक्षा में कोई चीटिंग की खबर नहीं
प्रमोशन और वेटिंग लिस्ट में पारदर्शिता
अब रेलवे की आंतरिक पदोन्नति परीक्षा (Internal Promotion) भी CBAT और टैबलेट आधारित होगी। इससे कर्मचारियों को तेज़ प्रमोशन मिलेगा।
इसके साथ:
लेवल-1 पदों के लिए 10वीं, ITI या NATS प्रमाणपत्र मान्य होगा
अगर कोई चयनित उम्मीदवार जॉइन नहीं करता, तो वेटिंग लिस्ट से तुरंत दूसरा उम्मीदवार नियुक्त होगा
धार्मिक प्रतीकों पर क्या है नीति?
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि चूड़ी, बिंदी, पगड़ी आदि धार्मिक प्रतीकों पर पूर्ण पाबंदी नहीं है। लेकिन सुरक्षा जांच के बाद ही इन्हें पहनकर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
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