




नई दिल्ली, जुलाई 2025।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 के छात्रों के लिए एक नई संस्कृत पाठ्यपुस्तक ‘दीपकम्’ का शुभारंभ किया है। यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 (NCF 2023) के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसका मकसद सिर्फ भाषा सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में तर्क, रचनात्मकता और जीवन मूल्यों का समावेश करना भी है।
पढ़ाई का बोझ नहीं, अनुभव आधारित शिक्षा
‘दीपकम्’ को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि छात्र प्रोजेक्ट्स, संवाद, चित्रों और कहानी के ज़रिए विषयों को करके और समझकर सीखें। यह बदलाव परंपरागत रटने की पद्धति से हटकर सक्रिय और आनंददायक शिक्षण की ओर संकेत करता है।
तर्क, विश्लेषण और आधुनिक दृष्टिकोण
नई किताब में प्राचीन ग्रंथों, पौराणिक उदाहरणों के साथ-साथ डिजिटल इंडिया, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सामाजिक मुद्दों जैसे आधुनिक विषयों को भी जोड़ा गया है। इससे बच्चों को भाषा के साथ-साथ सोचने की शक्ति भी मिलेगी।
रंगीन चित्र, संवाद और कविताएं
‘दीपकम्’ को आकर्षक चित्रों, बच्चों की भाषा में संवाद, सरल कविताएं और कहानियों से सजाया गया है। कठिन संस्कृत व्याकरण को भी सरल भाषा और अभ्यास के माध्यम से सहज बनाया गया है, ताकि बच्चे डरें नहीं, जुड़ें।
मूल्यों से होगी गहरी पहचान
किताब के माध्यम से ईमानदारी, सहयोग, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण प्रेम जैसे जीवन मूल्य भी बच्चों को सिखाए जाएंगे। देवनागरी लिपि, भारतीय संस्कृति, और संस्कारों को सरल शब्दों और व्यवहारिक उदाहरणों से समझाया गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षाविदों का मानना है कि ‘दीपकम्’ संस्कृत को सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि जीवन कौशल की भाषा के रूप में स्थापित करने का प्रयास है। यह किताब भविष्य की शिक्षा को समझ और संवेदना के साथ जोड़ती है।