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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बढ़ा पीएम मोदी का कद।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस निर्णायक कार्रवाई के बाद एक नई बहस शुरू हो गई—क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे सशक्त निर्णय लेने वाले नेता हैं? या फिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कद अब भी सबसे ऊपर है?
IANS-Matrize सर्वे में सामने आई जनता की राय
IANS-Matrize द्वारा कराए गए ताज़ा सर्वे में हजारों लोगों से यह सवाल पूछा गया:
“आपके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी में से कौन अधिक सशक्त और निर्णायक नेता रहे हैं?”
सर्वे का परिणाम:
विकल्प प्रतिशत
नरेंद्र मोदी 42%
इंदिरा गांधी 29%
दोनों समान रूप से सशक्त 17%
कोई नहीं 5%
उत्तर नहीं पता / अनिश्चित 7%
यानी 42% जनता ने पीएम मोदी को सर्वाधिक सशक्त फैसले लेने वाला नेता माना।
ऑपरेशन सिंदूर को कहा गया ‘सदी की सबसे बड़ी उपलब्धि’
एक और सवाल में यह पूछा गया कि:“क्या पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देश पर इस तरह का हमला भारत की सदी की सबसे बड़ी सैन्य उपलब्धि है?”
जवाब:
१. 72% लोगों ने इसे सदी की सबसे बड़ी उपलब्धि माना
२. 9% ने इसे कुछ हद तक उल्लेखनीय बताया
३. 12% ने असहमति जताई
४. 7% लोग अनिश्चित रहे
इंदिरा गांधी बनाम मोदी: ऐतिहासिक संदर्भ
पैरामीटर इंदिरा गांधी नरेंद्र मोदी
प्रमुख सैन्य निर्णय 1971 का बांग्लादेश युद्ध ऑपरेशन सिंदूर (2025), सर्जिकल स्ट्राइक
निर्णायक नेतृत्व आपातकालीन घोषणाएं, परमाणु नीति राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल भारत, वैश्विक कूटनीति
जन समर्थन ऐतिहासिक विजय, विवादित निर्णय भारी जनादेश, मजबूत राष्ट्रवाद
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