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  • क्लाउडब्लिट्ज़: एक सपना, संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी।

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    नागपुर से शुरू हुई एक छोटी सी पहल, जो आज हजारों टेक छात्रों की जिंदगी बदल रही है।

    Ishita Rajesh Selokar

    नागपुर, 2025: वर्ष 2019 में नागपुर शहर के दो युवा—अतुल वायडब्ल्यू और चेतन एच—ने एक ऐसे विचार की नींव रखी, जो आज हजारों छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण बन चुका है। इस विचार का नाम था—CloudBlitz

    CloudBlitz कोई सामान्य ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नहीं, बल्कि एक मिशन है—जहां साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र असाधारण आत्मविश्वास और कौशल के साथ टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपना करियर बना सकें।

    शुरुआत एक सपने से
    अतुल और चेतन खुद भी बेहद साधारण परिवारों से थे। उन्होंने महसूस किया कि इंजीनियरिंग की डिग्री के बावजूद हजारों छात्र बेरोजगार रह जाते हैं, क्योंकि पढ़ाई और असली स्किल्स के बीच गहरी खाई होती है। उन्होंने इस अंतर को खत्म करने का बीड़ा उठाया।

    कुछ कुर्सियाँ, किराए की जगह और कुछ लैपटॉप के साथ CloudBlitz की शुरुआत हुई—बिना किसी बड़े फंड या विज्ञापन के। लेकिन उनके पास था अटूट विश्वास—”अगर सही तरीके से सिखाया जाए, तो सफलता ज़रूर मिलेगी।”

    शुरुआती संघर्ष और पहली बैचें
    शुरुआत आसान नहीं थी। कभी-कभी कक्षा में एक ही छात्र होता, लेकिन अतुल उसे ऐसे पढ़ाते जैसे 50 छात्रों की क्लास हो। चेतन एडमिशन से लेकर फाइनेंस तक खुद संभालते।

    हर छात्र को व्यक्तिगत रूप से गाइड किया गया—प्रोजेक्ट्स से लेकर इंटरव्यू प्रिपरेशन तक। धीरे-धीरे छात्रों को जॉब्स मिलने लगीं, कंपनियों ने स्किल को पहचाना, और CloudBlitz का नाम फैलने लगा—विज्ञापन से नहीं, परिणामों से।

    टीम का विस्तार और जुनून
    जैसे-जैसे CloudBlitz बढ़ता गया, वैसे-वैसे कुछ और जुनूनी लोग इस सफर से जुड़े:
    १. शुभम के. – क्लाउड और इन्फ्रास्ट्रक्चर में गहराई और ऊर्जा लेकर आए
    २. शुभम एस. – DevOps में स्पेशलिस्ट, जिन्होंने समस्याओं के समाधान पर जोर दिया
    ३. मयूर डब्ल्यू. – Linux के मास्टर, जिनकी सरलता ने छात्रों का आत्मविश्वास लौटाया
    ४. इन सबने मिलकर CloudBlitz को एक संस्थान नहीं, बल्कि एक समुदाय बना दिया—सपने देखने वालों का

    ५. संस्कृति जो सबसे अलग
    ६. यहां न टॉपर कल्चर था, न तुलना।
    ७. हर छात्र को अहमियत दी गई।
    ८. कम्युनिकेशन में कमजोर छात्रों को एक-एक करके सिखाया गया।
    ९. फेल होने पर दंड नहीं, समर्थन दिया गया।

    कोरोना संकट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
    COVID-19 ने भले ही केंद्र बंद करा दिए, लेकिन CloudBlitz ने हार नहीं मानी।
    ऑनलाइन क्लासेस, ज़ूम ट्रेनिंग, रिकॉर्डेड सेशंस—टीम ने दिन-रात काम कर यह सुनिश्चित किया कि कोई छात्र पीछे न छूटे।

    क्या बनाता है CloudBlitz को खास
    १. यह निवेशकों द्वारा नहीं, शिक्षकों द्वारा चलाया जाता है।
    २. यह सपने नहीं बेचता, उन्हें गढ़ता है
    ३. यह प्रसिद्धि नहीं, उत्कृष्टता का पीछा करता है

    शिक्षा से आगे का सफर
    यह संस्थान सिर्फ नौकरियों के लिए नहीं, नेतृत्व के लिए तैयार करता है।
    पूर्व छात्र कहते हैं—“DevOps सीखने आया था, लेकिन मकसद मिल गया।”

    आगे की राह
    CloudBlitz अब नए शहरों में विस्तार, लीडरशिप प्रोग्राम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की दिशा में अग्रसर है, ताकि भारत के किसी भी कोने का छात्र इसकी शिक्षा पा सके।

    अंतिम संदेश
    IIT से आना ज़रूरी नहीं, सही मार्गदर्शन, सही सोच और सही मेहनत हो तो कोई भी आगे बढ़ सकता है।”

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