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  • भारत की बढ़ती ताकत: अमेरिका-चीन के बाद अब बिजली उत्पादन में बना तीसरा सबसे बड़ा देश।

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    भारत अब दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा की ओर सबसे तेजी से बढ़ता राष्ट्र, सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड निवेश।

    भारत बना बिजली उत्पादन में तीसरा सबसे बड़ा देश
    Power Generation In India: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की हालिया रिपोर्ट में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारत अब बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। यह उपलब्धि बीते पांच वर्षों के ऊर्जा विकास का परिणाम है, जिसमें भारत ने ना सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाया, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर भी तेज़ी से रुख किया।

    बिजली की मांग में भारी उछाल, स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस
    रिपोर्ट बताती है कि भारत में बिजली की मांग पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। इसके प्रमुख कारण हैं:
    १. घरेलू उपकरणों (AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन) का बढ़ता उपयोग
    २. रिहायशी और वाणिज्यिक भवनों का तेजी से विकास
    ३. औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की मांग में बढ़ोत्तरी
    ४. इसी मांग को पूरा करने और पर्यावरण की रक्षा के दृष्टिकोण से भारत ने अक्षय ऊर्जा, विशेषकर सौर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट्स में बड़े स्तर पर निवेश शुरू किया है।

    सौर ऊर्जा में हुआ सबसे ज्यादा निवेश
    रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 5 सालों में गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil energy) आधारित प्रोजेक्ट्स में जो निवेश हुआ, उसका 50% से ज्यादा हिस्सा सौर ऊर्जा (PV) प्रोजेक्ट्स में गया

    इसके साथ ही, भारत में कुल बिजली सेक्टर के निवेश का 80% से अधिक हिस्सा अब स्वच्छ ऊर्जा में लगाया जा रहा है — जो कि दुनिया के लिए भी एक मिसाल है।

    स्वच्छ ऊर्जा के लिए भारत बना सबसे बड़ा फंड रिसीवर
    रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत ने 2024 में विकास वित्त संस्थानों (DFIs) से मिलने वाले फंड में भी बाज़ी मार ली। भारत को 2.4 अरब डॉलर की सहायता स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को विस्तार देने के लिए मिली।

    इसके अलावा, बिजली क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी काफी बढ़ा है। 2023 में भारत ने इस सेक्टर में करीब 5 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया।

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ कदम
    भारत की यह उपलब्धि न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह 2030 तक Net Zero के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है। सरकार की योजनाएं, प्राइवेट कंपनियों का सहयोग और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं का विश्वास — यह सब भारत को ऊर्जा महाशक्ति की दिशा में ले जा रहे हैं।

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