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सरकार का लक्ष्य रोजगार सृजन को गति देना, ELI योजना से युवाओं को मिलेगा स्थायी और संरक्षित रोजगार।
ELI योजना: केंद्र की मोदी सरकार ने ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना‘ को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य है दो वर्षों के भीतर 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब देश में युवा वर्ग बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश में है और प्राइवेट सेक्टर में रोजगार की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
क्या है ELI योजना?
ELI (Employment Linked Incentive) योजना एक प्रोत्साहन आधारित रोजगार सृजन योजना है, जिसके तहत सरकार निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों को प्रोत्साहन सब्सिडी देगी ताकि वे अधिक संख्या में लोगों को नौकरियां दे सकें।
इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार देशभर में रोजगार की गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसका लक्ष्य न केवल नए रोजगार पैदा करना है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करना है।
किन सेक्टरों को होगा फायदा?
१. मैन्युफैक्चरिंग
२. टेक्सटाइल और गारमेंट्स
३. इलेक्ट्रॉनिक्स
४. फार्मा और हेल्थकेयर
५. आईटी और स्टार्टअप्स
६. MSME और सेवा क्षेत्र
इन सभी क्षेत्रों में कंपनियों को सरकार की ओर से आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे नई भर्ती कर सकेंगी।
सरकार का क्या है लक्ष्य?
१. 2 वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों का सृजन
२. औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना
३. ईएसआई और पीएफ जैसे सामाजिक सुरक्षा कवर से जोड़ना
४. ग्रामीण और शहरी – दोनों क्षेत्रों में रोजगार का विस्तार
देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
सरकार को उम्मीद है कि ELI योजना से न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि इससे मजदूरी में स्थायित्व, उपभोक्ता मांग और आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। योजना का फोकस उन क्षेत्रों पर रहेगा जहां तेजी से स्किल वाले जॉब्स बढ़ाए जा सकते हैं।
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