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  • केरल में दूसरी मौत से मचा हड़कंप, फिर मंडराने लगा निपाह वायरस का खतरा।

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    केरल के पलक्कड़ जिले में निपाह वायरस से दूसरी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में, छह जिलों में निगरानी तेज।

    तिरुवनंतपुरम, 14 जुलाई 2025: केरल एक बार फिर निपाह वायरस के खतरे की चपेट में आ गया है। पलक्कड़ जिले में एक 58 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। यह घटना कुछ दिनों पहले मलप्पुरम में 18 वर्षीय युवक की निपाह से मौत के बाद सामने आई है। दो मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के छह जिलों में विशेष अलर्ट जारी कर दिया है।

    कहां-कहां फैला है संक्रमण का खतरा?
    स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि मृतक के सैंपल मंजेरी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजे गए थे, जहां निपाह पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। हालांकि, पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) से अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही राज्य सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।

    क्या कदम उठाए गए हैं?
    १. कांटैक्ट ट्रेसिंग और फील्ड लेवल सर्विलांस को तेज किया गया है
    २. पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और त्रिशूर जिलों में निपाह अलर्ट
    ३. अस्पतालों को निर्देश — तेज बुखार और सिरदर्द वाले मरीजों की रिपोर्ट तुरंत करें
    ४. मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है
    ५. बिना ज़रूरत अस्पताल न जाने की अपील की गई है

    निपाह वायरस क्या है?
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक संक्रमण है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह संक्रमित चमगादड़, सुअर, या उनके संपर्क में आने वाले खाद्य पदार्थों से फैल सकता है। वायरस मानव-से-मानव भी फैलता है।

    लक्षण:
    तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, उलझन या बेहोशी, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं (ब्रेन इंफेक्शन तक संभव)

    कितनी घातक है यह बीमारी?
    मृत्यु दर: 40% से 75% तक
    इलाज: कोई निश्चित टीका या इलाज नहीं
    एकमात्र उपाय: तत्काल पहचान, आइसोलेशन और सावधानी

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