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  • यमन से लेकर कुवैत तक: इन मुस्लिम देशों में रहते हैं सबसे ज्यादा भारतीय, कहीं हैं CEO तो कहीं मज़दूर

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    नई दिल्ली, 19 जुलाई 2025।
    भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, लेकिन इसके लाखों नागरिक बेहतर रोज़गार, शिक्षा और जीवनशैली की तलाश में दुनिया भर में बसे हुए हैं। खास बात यह है कि कई मुस्लिम देशों में भारतीयों की तादाद बेहद ज़्यादा है और वे वहां की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ साबित हो रहे हैं।

    सिर्फ श्रमिक या कामगार ही नहीं, भारतीय इन देशों की बड़ी कंपनियों में CEO, डॉक्टर, इंजीनियर और बिजनेस लीडर की भूमिका भी निभा रहे हैं। आइए जानते हैं किन मुस्लिम देशों में भारतीयों की आबादी सबसे अधिक है:

    1. सऊदी अरब – लगभग 26 लाख भारतीय

    सऊदी अरब भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा ठिकाना है। यहां भारतीयों की भागीदारी ऑयल इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन, मेडिकल और एडमिनिस्ट्रेशन सेक्टर्स में है। बड़ी संख्या में भारतीय सरकारी विभागों में भी सेवाएं दे रहे हैं।

    2. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – लगभग 34 लाख भारतीय

    यूएई में भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी है। दुबई, अबूधाबी जैसे शहरों में भारतीय आईटी, होटल इंडस्ट्री, हेल्थकेयर और बिजनेस में अग्रणी भूमिका में हैं। कई भारतीय यहां CEO पदों पर भी कार्यरत हैं।

    3. कुवैत – लगभग 10 लाख भारतीय

    यहां पर टेक्नीशियन, ड्राइवर, हेल्पर के अलावा छोटे बिजनेस चलाने वाले भारतीय भी बड़ी संख्या में हैं। विशेषकर केरल और तमिलनाडु के लोग यहां अधिक हैं।

    4. ओमान – लगभग 8 लाख भारतीय

    मस्कट जैसे शहरों में भारतीय समुदाय बेहद संगठित है। यहां भारतीय कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और रिटेल जैसे सेक्टर्स में काम कर रहे हैं। साथ ही भारतीय स्कूल और मंदिर भी सक्रिय हैं।

    5. कतर – लगभग 7 लाख भारतीय

    फुटबॉल वर्ल्ड कप की तैयारियों के दौरान यहां मजदूरों की संख्या बढ़ी। इसके अलावा बैंकिंग, आईटी और हेल्थ सेक्टर में भी भारतीय पेशेवरों की अहम भूमिका है।

    6. बहरीन – करीब 3.5 लाख भारतीय

    यहां की अर्थव्यवस्था में भारतीयों की गहरी भागीदारी है। छोटे व्यवसाय से लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स तक, हर क्षेत्र में भारतीयों की मौजूदगी है।

    7. यमन – लगभग 3 लाख भारतीय

    संघर्षग्रस्त यमन में भी भारतीय मौजूद हैं। यहां वे ट्रेडिंग, रिटेल और अन्य सर्विस सेक्टर्स में काम करते हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय समुदाय का यमन से जुड़ाव बरकरार है।

    निष्कर्ष:

    इन मुस्लिम देशों में भारतीय सिर्फ मजदूरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन और CEO के तौर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। खाड़ी देशों की आर्थिक मजबूती में भारतीय समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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