




भारत और हॉकी का रिश्ता सदियों पुराना है। कभी विश्व हॉकी पर राज करने वाला भारत अब फिर से अपने पुराने गौरव को पाने की राह पर है। इसी कड़ी में आज से एशिया कप हॉकी 2025 का आगाज होने जा रहा है, और इसका पहला मैच भारत और चीन के बीच खेला जाएगा। यह मैच बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में आयोजित हो रहा है, जिसे खास तौर पर इस टूर्नामेंट के लिए तैयार किया गया है।
टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला भारत और चीन जैसी एशिया की दो बड़ी हॉकी टीमों के बीच खेला जाना अपने आप में खास है। भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे कप्तान हारमनप्रीत सिंह, जिनकी गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों और ड्रैग फ्लिकर्स में की जाती है।
भारत की नज़र इस मैच में जीत के साथ शुरुआत करने पर होगी, जबकि चीन अपने डिफेंस और तेज काउंटर अटैक के लिए मशहूर है। ऐसे में मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
विश्व कप क्वालीफिकेशन की अहमियत
एशिया कप हॉकी 2025 केवल एक ट्रॉफी जीतने का टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के क्वालीफिकेशन से भी जुड़ा है। एशिया कप की शीर्ष टीमें सीधे तौर पर विश्व कप के लिए क्वालीफाई करती हैं।
भारतीय टीम, जो इस समय एशिया में नंबर वन रैंक पर है, चाहेगी कि शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए और सेमीफाइनल तक आसानी से पहुँच सके।
भारतीय टीम की तैयारियाँ
भारत ने इस टूर्नामेंट से पहले यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अभ्यास मैच खेले थे।
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हारमनप्रीत सिंह (कप्तान) – पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ और टीम की रीढ़।
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मनदीप सिंह और ललित उपाध्याय – फॉरवर्ड लाइन में गोल करने की जिम्मेदारी।
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पीआर श्रीजेश – अनुभवी गोलकीपर, जो टीम की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं।
कोच क्रेग फुल्टन ने कहा है कि टीम पूरी तरह से तैयार है और खिलाड़ियों का फोकस केवल जीत पर है।
चीन की रणनीति
चीन की टीम को हल्के में लेना भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हाल के वर्षों में चीन ने अपनी फिटनेस और रणनीति पर काफी काम किया है। उनका डिफेंस मजबूत है और काउंटर अटैक की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
भारतीय टीम को खासतौर पर चीन की पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस और उनकी तेज़ गेंदबाजी शैली से सावधान रहना होगा।
राजगीर स्टेडियम: पहली बार मेगा टूर्नामेंट की मेज़बानी
बिहार का राजगीर हॉकी स्टेडियम पहली बार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इस स्टेडियम की क्षमता करीब 20,000 दर्शकों की है और यहाँ आधुनिक सुविधाओं से लैस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
स्थानीय प्रशासन और खेल विभाग ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। उम्मीद है कि दर्शकों की भारी भीड़ भारतीय टीम का हौसला बढ़ाएगी।
भारत का एशिया कप रिकॉर्ड
भारतीय हॉकी टीम का एशिया कप में शानदार रिकॉर्ड रहा है। भारत ने अब तक तीन बार (2003, 2007 और 2017) इस खिताब को अपने नाम किया है। वहीं पाकिस्तान के पास सबसे ज्यादा 4 खिताब हैं।
इस बार भारतीय टीम चाहेगी कि पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए चौथी बार एशिया कप जीत सके।
खेल प्रेमियों की उम्मीदें
हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल माना जाता है, और हर बार जब भारतीय टीम मैदान पर उतरती है, तो करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदें उससे जुड़ जाती हैं। सोशल मीडिया पर भी #IndiaVsChina और #AsiaCupHockey2025 जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
स्थानीय दर्शक कहते हैं कि यह मैच बिहार के खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय साबित होगा।
विशेषज्ञों की राय
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पूर्व कप्तान धनराज पिल्लै का कहना है:
“भारतीय टीम में इस समय युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार संतुलन है। अगर भारत पहले ही मैच में जीत दर्ज करता है तो उसका आत्मविश्वास पूरे टूर्नामेंट में बना रहेगा।” -
वहीं, हॉकी विश्लेषक विरन रास्किन्हा का मानना है कि भारत को अपने डिफेंस पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि चीन अप्रत्याशित खेल दिखाने में माहिर है