• Create News
  • ▶ Play Radio
  • “रूस ने घातक हमले में यूक्रेनी नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत को डुबोया, पहली बार समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल, युद्ध में नया मोर्चा खुला”

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में एक नई तकनीकी रणनीति का परिचय हुआ है। रूस ने पहली बार समुद्री ड्रोन का उपयोग करते हुए यूक्रेनी नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत ‘सिंफेरोपोल’ को काला सागर में डुबो दिया। इस हमले में एक नाविक की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। यह घटना युद्ध में नई तकनीकी रणनीतियों को दर्शाती है और भविष्य के समुद्री युद्ध के रूप को बदल सकती है।

    ‘सिंफेरोपोल’ यूक्रेनी नौसेना का एक प्रमुख युद्धपोत था, जिसे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और खुफिया जानकारी एकत्र करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह पोत काला सागर में यूक्रेन की समुद्री सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इसके डूबने से यूक्रेनी नौसेना को एक बड़ा झटका लगा है।

    समुद्री ड्रोन, जिन्हें अनमैन्ड सर्फेस व्हीकल्स (USVs) भी कहा जाता है, युद्ध में एक नया आयाम जोड़ रहे हैं। ये ड्रोन बिना चालक दल के होते हैं और दूर से नियंत्रित किए जाते हैं। इनका उपयोग दुश्मन के जहाजों पर सटीक हमले करने के लिए किया जाता है। रूस द्वारा ‘सिंफेरोपोल’ पर किया गया हमला इस तकनीकी क्षमता का स्पष्ट उदाहरण है।

    यह हमला काला सागर के डेन्यूब नदी के मुहाने पर हुआ। हमले के समय, पोत पर 29 नाविक सवार थे। हमले में एक नाविक की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। यूक्रेनी नौसेना ने इस हमले की पुष्टि की है और बचाव कार्य जारी है।

    हमले के तुरंत बाद, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई की। यूक्रेनी सेना ने काला सागर में रूसी मिसाइल कोर्वेट पर ड्रोन हमला किया, जिससे पोत की रडार प्रणाली को नुकसान पहुंचा और उसे मरम्मत के लिए वापस लौटना पड़ा। यह घटना युद्ध में दोनों पक्षों के बीच तकनीकी युद्ध की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है।

    इस हमले के बाद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री ड्रोन का बढ़ता उपयोग भविष्य के युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुछ देशों ने इस तकनीक के उपयोग को लेकर नियम और दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।

    समुद्री ड्रोन का उपयोग युद्ध में एक नई रणनीति के रूप में उभर रहा है। यह तकनीक युद्ध की प्रकृति को बदल सकती है, जहां मानव रहित यंत्रों का उपयोग अधिक होगा। रूस और यूक्रेनी नौसेना के बीच इस तकनीकी युद्ध ने अन्य देशों को भी इस दिशा में सोचने पर मजबूर किया है।

  • Related Posts

    कावेरी जल विवाद पर विजय और उदयनिधि स्टालिन आमने-सामने, मेकेदाटु बांध को लेकर विधानसभा में तीखी बहस

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। तमिलनाडु विधानसभा में शुक्रवार को कावेरी जल विवाद और कर्नाटक के प्रस्तावित मेकेदाटु बांध को लेकर मुख्यमंत्री विजय और विपक्ष…

    Continue reading
    केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया से मिले मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, राजस्थान के युवाओं के लिए कौशल, रोजगार और खेल के नए अवसरों पर हुई चर्चा

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्यक्रम एवं खेल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *