




मध्य प्रदेश प्रशासनिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से सीधे फोन कॉल ने कुछ ही घंटों में उनके कार्यकाल और राज्य प्रशासन की दिशा बदल दी। 31 अगस्त 2025 को, उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले, उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया गया। इस फैसले ने न केवल उनके प्रशासनिक कौशल को मान्यता दी, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच गहरे विश्वास और समन्वय को भी उजागर किया।
सूत्रों के अनुसार, अनुराग जैन को प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन कॉल प्राप्त हुआ, जिसके कुछ ही घंटों में उनके सेवा विस्तार का निर्णय लागू कर दिया गया। इस त्वरित निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया कि केंद्र सरकार ने उनके प्रशासनिक अनुभव और दक्षता को उच्च महत्व दिया है।
मुख्यमंत्री मोहान यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए अनुराग जैन को बधाई दी और उनके प्रशासनिक योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा विस्तार से राज्य में प्रशासनिक स्थिरता बनी रहेगी और कई महत्वपूर्ण योजनाओं का सुचारू रूप से कार्यान्वयन संभव होगा।
अनुराग जैन, 1989 बैच के आईएएस अधिकारी, मध्य प्रदेश कैडर से संबंधित हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आईआईटी कानपुर से पूरी की और बाद में मैक्सवेल इंस्टीट्यूट, अमेरिका से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
उनका प्रशासनिक करियर कई उच्च स्तरीय पदों पर रहा है:
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भोपाल कलेक्टर
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वित्त विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव
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मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव
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केंद्र सरकार में PMO में संयुक्त सचिव
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सचिव
उनकी ईमानदारी, दक्षता और निर्णय क्षमता ने उन्हें राज्य और केंद्र सरकार दोनों के बीच विश्वासपात्र अधिकारी बनाया है।
अनुराग जैन को सेवा विस्तार मिलने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
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प्रशासनिक दक्षता: राज्य में विभिन्न योजनाओं और नीतियों के सुचारू कार्यान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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केंद्र-राज्य समन्वय: उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आई।
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विश्वसनीयता और पारदर्शिता: उनकी कार्यशैली ने उन्हें एक भरोसेमंद और ईमानदार अधिकारी के रूप में स्थापित किया।
उनके सेवा विस्तार ने राज्य की प्रशासनिक स्थिरता को सुनिश्चित किया। अनुराग जैन के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जो राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधार में सहायक साबित हो रही हैं। उनके कार्यकाल में अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्तियाँ भी सुचारू रूप से हुईं, जिससे प्रशासनिक कामकाज और नीति निर्माण में बेहतर परिणाम मिले।
विशेषज्ञों का कहना है कि अनुराग जैन का सेवा विस्तार राज्य प्रशासन में स्थिरता और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता बनाए रखने में सहायक होगा।
अनुराग जैन के सेवा विस्तार से यह संकेत मिलता है कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों उनके नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। आने वाले महीनों में, उनकी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक और विकासात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
उनकी प्रशासनिक क्षमता और अनुभव राज्य के विकास और नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इस सेवा विस्तार ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्य प्रशासन में स्थिरता और कुशल नेतृत्व को प्राथमिकता देती है।
अनुराग जैन का पीएमओ से सेवा विस्तार न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मध्य प्रदेश प्रशासन के लिए भी यह एक ऐतिहासिक कदम है। उनके नेतृत्व में राज्य में योजनाओं का बेहतर कार्यान्वयन और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
यह निर्णय राज्य और केंद्र सरकार के बीच विश्वास, दक्षता और सहयोग की मिसाल प्रस्तुत करता है। प्रशासनिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए, अनुराग जैन का यह सेवा विस्तार मध्य प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में यादगार साबित होगा।