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    IIM नागपुर का विस्तार: पिंपरी-चिंचवड़ में बनेगा 70 एकड़ का सैटेलाइट कैंपस

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    पुणे के शैक्षणिक और औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), नागपुर का सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने के लिए 70 एकड़ गैर कंपोज़ेबल (gairan) जमीन की मंजूरी दी है।

    भूमि आवंटन की प्रक्रिया और जल्दी शुरुआत

    राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मोशी में स्थित यह जमीन IIM-नागपुर को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी हो जाएगी । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे “गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक शुभ कदम” करार देते हुए कहा कि IIM जैसे संस्थानों का व्यापक विस्तार देश में शिक्षण, शोध और नवप्रवर्तन के अवसर बढ़ाएगा ।

    कैंपस की रूपरेखा और वादे

    इंस्टिट्यूट के निदेशक भीमराया मेट्री ने प्रेस को बताया कि यह पुणे कैंपस IIM-नागपुर के डेटा साइंस और मैनेजमेंट में flagship कार्यक्रम देने वाला पहला प्रशिक्षण केन्द्र होगा—जो मुख्य कैंपस के बाहर अनोखी शुरुआत होगी ।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस नए अंतिम केंद्र में इन्क्यूबेशन सेंटर, औद्योगिक पेशेवरों के लिए पार्ट-टाइम और वीकेंड कोर्स जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी, और यह 132-acre मुख्य परिसर की तरह व्यवस्थित किया जाएगा ।

    क्यों चुना गया मोशी?

    पुणे को “Oxford of the East” कहा जाता है—यहां کالج, अनुसंधान केन्द्र और आईटी-ऑटोमोबाइल क्लस्टर की प्रचुरता है, पर फिर भी IIT या IIM नहीं है ।

    मेट्री ने स्पष्ट किया,

    “समय आ गया है कि संस्थान उद्योगों तक जाएं, न कि उद्योग संस्थानों तक…”
    मॉशी का स्थान—चाकन, तलागांव, रन्जाणगांव MIDC और हिंजवाड़ी IT पार्क के नजदीक—इसे एक आदर्श विकल्प बनाता है ।

    इसके अलावा, स्थानीय विधायक महेश लांगे ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि Pimpri-Chinchwad में IIM का आगमन नगर और इसके नागरिकों के लिए गौरव की बात है ।

    पृष्ठभूमि: प्रस्ताव का उद्भव और सफलता तक की यात्रा

    इस प्रस्ताव की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब स्थानीय प्रशासन ने PCMC (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) के माध्यम से मोशी में 60-acre सरकारी जमीन IIM-नागपुर को देने का सुझाव दिया था ।

    उस समय, ज़मीनी जांच और औफिसियल पहलें चल रही थीं, जिनमें जमीन का उपयोग परिवर्तन, सड़क निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाई शामिल थीं, ताकि इसे शिक्षा संबंधी उद्देश्य से पुनः निर्धारित किया जा सके।

    फिर, अगस्त 2024 में इस प्रस्ताव को राज्य के अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और आगे बढ़ाया—जिसके परिणामस्वरूप अब इस योजना को आधिकारिक मंजूरी औपचारिक रूप से मिल चुकी है ।

    पुणे में IIM-नागपुर का विस्तार: उद्देश्य और प्रभाव

    IIM-नागपुर, जिसकी स्थापना 2015 में हुई थी, ने VNIT के अस्थायी परिसर से शुरुआत कर 2021 में MIHAN-SEZ में अपना स्थायी परिसर बनाया था ।

    यह पुणे कैंपस संस्थान के दीर्घकालिक विस्तार का हिस्सा है, जिसमें गोवा, हैदराबाद और संभवतः सिंगापुर में भविष्य की शाखाएं शामिल हैं |

    इस विस्तार अभियान का उद्देश्य:

    • प्रबंधन शिक्षा में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच पुल बनाए रखना

    • उद्योग–शिक्षा सहयोग को मजबूत करना

    • पाठ्यक्रमों और शोध गतिविधियों के अवसर बढ़ाना

    शिक्षा, उद्योग और आर्थिक दृष्टिकोण से लाभ

    पिंपरी-चिंचवड़ की क्षेत्रीय पहचान, औद्योगिक विकास और पुणे–मुंबई की ट्रांजिट क्षमता इसे एक अकादमिक केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही है ।

    इस नए कैंपस से:

    • शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों में आदान–प्रदान के अवसर बढ़ेंगे

    • स्थानीय रोजगार और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को बढ़ावा मिलेगा

    • क्षेत्रीय आर्थिक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा

    समयसीमा और आगे की राह

    और विवरण देते हुए मेट्री ने बताया कि यह नया कैंपस अगले 24–30 महीनों में पूरी तरह से कार्यात्मक हो सकता है ।

    सरकार और IIM-नागपुर की ओर से महत्वाकांक्षी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं—जिनमें सैटेलाइट परिसर की नींव से लेकर पाठ्यक्रमों व सुविधाओं का विस्तार शामिल है।

    सारांश

    पहलू विवरण
    स्थान और आकार मोशी (Pimpri-Chinchwad), 70 एकड़ गैर गवर्नमेंट जमीन
    मुख्य उद्देश्य डेटा साइंस व मैनेजमेंट में flagship प्रोग्राम और उद्योग सहयोग
    प्रभाव शिक्षा, रोजगार, नवाचार, इंडस्ट्री-अकादमी लिंक मजबूत करेगा
    प्रक्रिया की शुरुआत 2023 से प्रस्ताव, 2025 में मंजूरी, 24–30 माह में कार्यान्वयन

    निष्कर्ष

    IIM-नागपुर का यह सैटेलाइट कैंपस पुणे के लिए सिर्फ कोई नया संस्थान नहीं, बल्कि एक नई दिशा, अवसर और गर्व का प्रतीक है। बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास और शिक्षा में तालमेल के तहत यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को नए आयाम प्रदान करेगी।

    आने वाले वर्षों में यह कदम प्रबंधन शिक्षा में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है—जहां उद्योग, अकादमी, नवप्रवर्तन और रोजगार के अवसर एक साथ खिलें।

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