




मुंबई में रहने वाले पालतू जानवरों और आवारा पशुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मलाड क्षेत्र में एक 100-बेड वाला आधुनिक पशु चिकित्सालय बनाने की घोषणा की है। यह अस्पताल न केवल मुंबई का बल्कि महाराष्ट्र का भी सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एनिमल हॉस्पिटल बनने जा रहा है।
इस पशु चिकित्सालय में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जैसे:
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ICU और Emergency Care – गंभीर स्थिति में जानवरों का तुरंत इलाज किया जा सकेगा।
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MRI और X-Ray मशीनें – बीमारियों और चोटों का सटीक निदान करने में मदद करेंगी।
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सर्जरी थिएटर – पालतू और आवारा जानवरों के लिए जटिल सर्जरी की भी सुविधा होगी।
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ओपीडी और परामर्श कक्ष – पालतू पशु मालिक अपने जानवरों की नियमित जांच करा सकेंगे।
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रहने और देखभाल की सुविधा – अस्पताल में इलाज के दौरान जानवरों के रहने के लिए अलग वार्ड बनाए जाएंगे।
मुंबई में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर घूमते कुत्ते, बिल्लियाँ और अन्य जानवर अक्सर बीमारियों और एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं। अब इस अस्पताल की मदद से उन्हें समय पर इलाज और बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
साथ ही, पालतू पशु मालिकों को भी अपने कुत्ते, बिल्लियों या अन्य जानवरों के इलाज के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
BMC की दूरगामी योजना
BMC अधिकारियों का कहना है कि यह अस्पताल पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया जाएगा।
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अस्पताल की लागत का बड़ा हिस्सा BMC वहन करेगी।
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इसमें NGO और प्राइवेट संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
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भविष्य में इस मॉडल को शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना है।
BMC का मानना है कि यह कदम मुंबई को “एनिमल-फ्रेंडली सिटी” बनाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा।
पर्यावरण और समाज पर असर
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इससे पशु कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।
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सड़कों पर घायल या बीमार जानवरों को समय पर उपचार मिलेगा।
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पशु-जनित बीमारियों पर भी नियंत्रण होगा।
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समाज में पशु-प्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।
मलाड और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिक इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं।
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पालतू पशु मालिकों का कहना है कि अब उन्हें अपने जानवरों के इलाज के लिए निजी और महंगे क्लीनिकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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वहीं, एनिमल वेलफेयर से जुड़े NGOs का कहना है कि यह अस्पताल मुंबई के हजारों आवारा जानवरों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
हालांकि यह योजना बेहद सराहनीय है, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं:
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प्रशिक्षित पशु-चिकित्सकों की कमी।
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ऑपरेशन और ICU जैसे सेक्शन को चलाने के लिए उच्च-स्तरीय तकनीशियन और स्टाफ की आवश्यकता।
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बड़े स्तर पर फंडिंग और समयबद्ध निर्माण।
BMC का दावा है कि इन चुनौतियों को ध्यान में रखकर ही योजना बनाई गई है और अगले कुछ महीनों में इसका काम शुरू हो जाएगा।
मुंबई में पहले भी कई छोटे-छोटे एनिमल क्लीनिक मौजूद हैं, लेकिन मलाड में बनने वाला यह 100-बेड वाला पशु चिकित्सालय एक मील का पत्थर साबित होगा।
यह न केवल शहर के पालतू पशु मालिकों बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए राहत की खबर है।