




बिहार की सड़क और परिवहन संरचना के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे, जो राज्य के सबसे महत्वाकांक्षी और लंबी दूरी की सड़क परियोजनाओं में से एक है, अब राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) के रूप में केंद्र सरकार द्वारा औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है। इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने की, जिसे राज्य के लिए एक गर्व का पल बताया जा रहा है।
पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे लगभग 250 किलोमीटर लंबा होगा और यह पटना से प्रारंभ होकर पूर्णिया तक फैलेगा। इस मार्ग में कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तत्व शामिल हैं:
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21 बड़े पुल और 140 छोटे पुल
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11 रेलवे ओवरब्रिज
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21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास
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सीमांचल के जिलों जैसे समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग
यह एक्सप्रेसवे राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा और लोगों की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। लगभग 6 जिलों के 29 प्रखंडों में भूमि अधिग्रहण हो रहा है। भूमि मिलने के बाद निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा,
“राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 के रूप में पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे का दर्जा मिलना बिहार के लिए गौरव का पल है। यह परियोजना राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से समय पर पूरी की जाएगी।”
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से पटना और पूर्णिया के बीच की दूरी लगभग 3 घंटे में पूरी होगी, जबकि वर्तमान में यह दूरी लगभग 6 घंटे की है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सीमांचल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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व्यापारिक गतिविधियों में तेजी
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सीमांचल के ग्रामीण क्षेत्रों का बेहतर कनेक्टिविटी
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पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना बिहार की सड़क संरचना को नई दिशा देगी और राज्य के विकास को गति प्रदान करेगी।
राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 का दर्जा मिलने के बाद पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे परियोजना राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए प्राथमिकता बन गई है। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि यह परियोजना बिहार की इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना का मील का पत्थर है।
आने वाले महीनों में, भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू होगा। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कोशिश से यह एक्सप्रेसवे समय पर बनकर तैयार होगा, जिससे बिहार के नागरिकों को सुरक्षित और तेज़ यात्रा की सुविधा प्राप्त होगी।
पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 का दर्जा मिलना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल राज्य की सड़क संरचना को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सीमांचल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगा।
मुख्य सचिव और राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका ने इस परियोजना को सफल बनाने की नींव रखी है। आने वाले समय में इस एक्सप्रेसवे से बिहार के नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार, व्यापार में वृद्धि और क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी।
यह परियोजना साबित करती है कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।