राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के 35वें महानिदेशक के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, YSM, SM, VSM ने पदभार ग्रहण कर लिया है। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों और विभिन्न राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका कार्यकाल एनसीसी के लिए नए आयाम खोलने और युवा नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने 17 दिसंबर 1988 को भारतीय सेना की 19 कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उनका सैन्य करियर साहस, नेतृत्व और रणनीतिक दक्षता का प्रतीक रहा है। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने कई सम्मान प्राप्त किए हैं, जिनमें YSM (Yudh Seva Medal), SM (Sena Medal) और VSM (Vishisht Seva Medal) शामिल हैं।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में योगदान
लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने भारतीय सेना में रहते हुए कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में नेतृत्व की भूमिका निभाई है। उन्होंने विभिन्न कठिन परिस्थितियों में रणनीतिक संचालन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और सुरक्षा बलों के बीच अनुशासन और तालमेल को बनाए रखा। उनके इन अभियानों में शामिल होने की वजह से उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता माना जाता है।
उनके नेतृत्व में कई संयुक्त सैन्य अभियानों और सघन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसने सेना की तैयारियों को और मजबूत किया। आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ उनकी रणनीतिक योजना और क्रियान्वयन के तरीके को कई बार सराहा गया है।
एनसीसी के लिए महत्व
राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक के रूप में उनके अनुभव और नेतृत्व का प्रभाव युवा कैडेटों पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स का मानना है कि NCC सिर्फ एक शारीरिक प्रशिक्षण संगठन नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व कौशल, अनुशासन और देशभक्ति की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है।
उनकी प्राथमिकता NCC के पाठ्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली और यथार्थवादी बनाना है। वे चाहते हैं कि युवा कैडेट आधुनिक सुरक्षा खतरों, आतंकवाद, और नागरिक सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम हों। इसके लिए उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण मॉड्यूल और सामरिक अभ्यासों को विकसित करने का विचार रखा है।
शिक्षा और नेतृत्व में योगदान
लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने अपने सैन्य करियर के दौरान अनेक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों और कार्यशालाओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने विशेष रूप से जवानों और अधिकारियों को नेतृत्व, अनुशासन और रणनीतिक निर्णय क्षमता सिखाने में योगदान दिया है। उनका अनुभव NCC के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।
उनका दृष्टिकोण है कि NCC के माध्यम से न केवल शारीरिक और मानसिक अनुशासन विकसित किया जा सकता है, बल्कि यह युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्रीय सेवा के लिए भी तैयार करता है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल वत्स ने भारतीय सेना के साथ कई अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भी योगदान दिया है। उनके अनुभव में संयुक्त सैन्य अभ्यास, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग और बहुपक्षीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेना शामिल है। यह अनुभव उन्हें NCC के महानिदेशक के रूप में एक वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जो भारत के युवा कैडेटों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने में सहायक होगा।
नागरिक और सेना के बीच पुल
एनसीसी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सेना और नागरिक समाज के बीच एक सेतु प्रदान करना है। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स इस दृष्टिकोण को और मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे। उनका प्रयास होगा कि कैडेटों को न केवल सेना की तकनीकी और शारीरिक तैयारियों में निपुण किया जाए, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय जिम्मेदारी, सेवा भाव और देशभक्ति की भावना भी दी जाए।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स का एनसीसी के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभालना युवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके नेतृत्व में NCC युवा कैडेटों को आधुनिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए तैयार करेगा और उन्हें नेतृत्व, अनुशासन और देशभक्ति के गुण सिखाएगा। उनका अनुभव, रणनीतिक क्षमता और समर्पण NCC के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होगा।








